
लखनऊ में तेज बारिश से कई क्षेत्रों में हुआ जलभराव (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
Heavy Rain Forecast as Monsoon Intensifies: उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में हुई झमाझम बारिश से मौसम सुहावना हो गया है और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। इसी को देखते हुए प्रदेश के 19 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट और 43 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
राजधानी लखनऊ में बुधवार देर रात और गुरुवार सुबह हुई बारिश ने मौसम का पूरा मिजाज बदल दिया। सुबह से आसमान में बादलों का डेरा रहा और ठंडी हवाओं के साथ रुक-रुककर बारिश होती रही। बारिश के चलते तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। पार्कों, सड़कों और बाजारों में भी मौसम का आनंद लेने के लिए लोगों की भीड़ दिखाई दी।
हालांकि कई इलाकों में जलभराव और धीमी यातायात की समस्या भी देखने को मिली। दफ्तर जाने वाले लोगों को कुछ स्थानों पर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा, लेकिन अधिकांश लोगों ने बारिश का स्वागत किया क्योंकि पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रही उमस ने जनजीवन को प्रभावित कर रखा था।
मौसम विभाग ने प्रदेश के 19 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। प्रशासन को सतर्क रहने तथा जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल सिंह का कहना है कि जिन इलाकों में पहले से जलभराव की समस्या रहती है, वहां अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है ताकि किसी भी संभावित परेशानी से बचा जा सके।
ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के अलावा प्रदेश के 43 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश, बादलों की आवाजाही और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की सक्रियता के चलते अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुककर वर्षा का दौर बना रहेगा।
कृषि विशेषज्ञ राहुल मेहता का मानना है कि यह बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। धान, मक्का, बाजरा और दलहन जैसी फसलों की बुवाई के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। जिन किसानों की बुवाई अभी अधूरी है, उनके लिए भी यह बारिश राहत लेकर आई है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी आगामी दिनों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बादलों की सक्रियता बढ़ सकती है। इन इलाकों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज होने के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इसी तरह मानसून सक्रिय बना रहा तो प्रदेश में वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा और जलाशयों में भी पानी की उपलब्धता बढ़ेगी।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में मानसून की गतिविधियां और अधिक मजबूत रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई तक पूर्वी यूपी के अधिकांश जिलों में लगातार बारिश होती रहेगी। वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, बलिया, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर अच्छी वर्षा होने की संभावना है। बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर पर भी प्रशासन की नजर बनी हुई है। संबंधित विभागों को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के तापमान पर भी साफ दिखाई दिया है। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह बारिश जारी रहती है तो तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। इससे बिजली की मांग में भी कमी आने की संभावना है और लोगों को प्राकृतिक ठंडक का एहसास होगा।
प्रदेश में सबसे अधिक वर्षा चित्रकूट जिले में दर्ज की गई, जहां पिछले 24 घंटों में 144.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इतनी अधिक वर्षा के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन गई, जबकि छोटे नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ गया। इसके अलावा बुंदेलखंड और आसपास के कई जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों ने इस बारिश का स्वागत किया और इसे खेती के लिए बेहद लाभकारी बताया।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। बिजली चमकने के समय खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें। वाहन चालकों को भी जलभराव वाले मार्गों पर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं जिला प्रशासन ने नगर निकायों, सिंचाई विभाग और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि बारिश के दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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Updated on:
09 Jul 2026 05:12 pm
Published on:
09 Jul 2026 05:12 pm
