Income Tax on Piyush: कानपुर के इत्र कारोबारी पर अब इनकम टैक्स ने शिकंजा कसा है। इनकम टैक्स ने पहले पूछताछ की फिर 197 करोड़ जब्त कर लिए।
इत्र कारोबारी पीयूष जैन पर डीजीजीआई और डीआरआई के बाद अब आयकर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। स्पेशल सीजेएम कोर्ट की अनुमति पर आयकर विभाग के चार अफसरों की टीम ने पीयूष जैन से जेल में करीब छह घंटे तक लंबी पूछताछ की। पीयूष ज्यादातर सवालों के जवाब पर शांत रहा। बाकी पैसे को लेकर उसने कहा कि टैक्स चोरी करके कमाएं गए हैं। लंबी पूछताछ के बीच पीयूष बार-बार पानी मांगता रहा।
आयकर विभाग के डिप्टी डायेक्टर डॉ.विजय सिंह ने स्पेशल सीजेएम की कोर्ट में पीयूष जैन से जेल में पूछताछ करने के लिए अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने उनको अनुमति दी थी। डिप्टी डायरेक्टर आयकर डा. विजय सिंह, आयकर इंस्पेक्टर संजीव कुमार झा और टैक्स इंस्पेक्टर शशांक गुप्ता और विजेंद्र कुमार की टीम ने जेल जाकर पूछताछ की। चार अफसरों की टीम लैपटॉप-प्रिंटर साथ लेकर गई थी। वहां पर टीम ने कई तरह के सवाल पीयूष जैन पर दागे। फिर भी पीयूष जैन ज्यादातर सवालों के जवाब से कन्नी काटता रहा। सिर्फ सिर हिलाकर हां या न करता रहा। विशेष लोक अभियोजक अम्बरीश टंडन ने बताया कि कोर्ट की अनुमति पर आयकर विभाग की टीम ने जेल में पीयूष जैन से पूछताछ की है। बाकी जांच जारी रहेगी।
डीजीजीआई के लेटर पर शुरू हुई कार्रवाई
कन्नौज और कानपुर से 197 करोड़ रुपए बरामदगी के मामले में डीजीजीआई की टीम ने खुद चार्जशीट दाखिल करने के बाद आयकर विभाग को लेटर भेजकर पूरी जानकारी दी। जिससे बिना टैक्स भरे कमाई गए रकम पर आगे कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके बाद आयकर विभाग के डायरेक्ट्रेट ऑफ इन्वेस्टींगेशन ने जांच शुरू की है। आयकर विभाग की आईटी विंग पूरा मामला देख रही है।
आयकर विभाग के 92 सवाल
जेल में बंद इत्र कारोबारी से आयकर विभाग के चार अफसरों की टीम ने करीब 92 सवाल पूछे। इसमें पैसे, बिजनेस, फैले कारोबार, टैक्स न चुकाने की वजह और आय के स्रोत समेत अन्य सवाल दागे गए। पीयूष जैन से उसके बिजनेस पार्टनर और कमाए गए पैसों की जानकारी की गई।