
देश की पहली टी-18 यानी कि वंदेभारत एक्सप्रेस में अब स्लीपर कोच भी लगेंगे। अभी तक इस ट्रेन में केवल एसी चेयरकार और एक्जीक्यूटिव कोच ही हैं। स्लीपर कोच लगने के बाद वंदेभारत में आमजन भी सफर का लुत्फ उठाएंगे। अगले साल यानी वर्ष 2023 तक 75 वंदेभारत एक्सप्रेस चलाने की तैयारी रेलवे बोर्ड कर रहा है।
देश में अभी दो वंदेभारत एक्सप्रेस चल रही हैं। दिल्ली से वाराणसी वाया कानपुर चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस के कोचों का नया वर्जन भी अगले महीने तक आने की उम्मीद है। सुरक्षा, संऱक्षा के साथ ही वंदेभारत के कोचों का नया वर्जन यात्रियों के हिसाब से भी आरामदेह होगा। क्योंकि इसकी सीटें लचकदार होंगी। रेलवे अफसरों का कहना है कि प्रस्तावित नई वंदेभारत में से दस ट्रेनें तो कानपुर के खाते में आएंगी ही। इन ट्रेनों को वीआईपी रूटों पर चलाने की योजना है।
वंदेभारत की गति में भी इजाफा
दिल्ली से वाराणसी के बीच चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस में कोचो का नया वर्जन लगते ही इसकी गथि अधिकतम 180 किमी. की हो जाएगी। इस गति पर यह ट्रेन तभी दौड़ेगी, जब पूरा ट्रैक कवर्ड होगा। इस पर रेलवे का काम चल रहा है।
कानपुर से दिल्ली के बीच ट्रैक का भी हो रहा अपग्रेडेशन
रेलवे अफसरों ने बताया कि कानपुर से दिल्ली के बीच मिनी हाईस्पीड यानी कि 160 की गति से ट्रेनें चलाने पर भी काम चल रहा है। ट्रैक, सिगलिंग काम के बाद आखिरी काम ओएचई और सबस्टेशनों के उच्चीकरण का भी जल्द काम शुरू होगा। इसका टेंडर जारी किया जा चुका है।
आईसीएफ चेन्नई में बनने लगे कोच
डा. शिवम शर्मा, सीपीआरओ, उत्तर मध्य रेलवे के अनुसार इंटीग्रल कोच फैक्टरी, चेन्नई में वंदेभारत एक्सप्रेस के लिए स्लीपर कोच बनने लगे हैं। कोच फिट होने के बाद इन्हें वंदेभारत एक्सप्रेस में लगाया जाएगा। ये कोच किन वंदेभारत एक्सप्रेस में लगेंगे, इसका फैसला तो उस समय होगा, जिस समय कोच बनकर मिलेंगे।