Indian Railways उत्तर मध्य रेलवे में अगर योजना के अनुसार गैर संरक्षा श्रेणी के 10000 से अधिक पद खत्म किए गए तो टाइपिस्ट सहायक रसोईया बिल पोर्टल सेनेटरी हेल्पर माली दफ्तरी बड़ाई पेंटर असिस्टेंट सेल्स मैन कैटरिंग असिस्टेंट वॉल मैन सहित कई पद खत्म हो जाएंगे अभी इन पदों पर कार्य कर रहे स्टाफ को अन्य विभागों में समायोजित कर दिया जाएगा और भविष्य में इन पदों पर रेलवे भर्ती नहीं करेगा बोर्ड ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जोनल रेलवे अपने स्तर पर भी ऐसे पदों को चिन्हित करें जिनका पूरा उपयोग नहीं हो रहा है इस श्रेणी में टाइमकीपर स्टाफ सांख्यिकी स्टाफ टिकटिंग स्टाफ सुरक्षा स्टाफ स्टोर खलासी जैसे पद शामिल है।
Indian Railways. उत्तर प्रदेश रेलवे पटना से ज्यादा पदों को खत्म करने की तैयारी कर रहा है। प्रयागराज झांसी एवं आगरा मंडल में मुख्यालय स्तर पर सूची बनाने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि 31 मई 2022 को समाप्त किए जाने वाले पदों की सूची रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। रेलवे बोर्ड ने 20 मई को सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र जारी किया है। डायरेक्टर एमपीपी रेनू यादव की ओर से जारी पत्र में गैस संरक्षण श्रेणी के 50 फ़ीसदी पदों को तत्काल समाप्त करने को कहा गया है। नॉर्थ जोन रेलवे मेंस यूनियन के जोनल महामंत्री आरडी यादव के अनुसार एनसीआर में गौ रक्षा श्रेणी के 21500 पद हैं। ऐसे में 10000 से ऊपर पद खत्म होंगे। एनसीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ शिवम शर्मा ने माना कि बोर्ड के पत्र पर विचार हो रहा है।
ये है स्थिति
Indian Railways उत्तर मध्य रेलवे में अगर योजना के अनुसार गैर संरक्षा श्रेणी के 10000 से अधिक पद खत्म किए गए तो टाइपिस्ट सहायक रसोईया बिल पोर्टल सेनेटरी हेल्पर माली दफ्तरी बड़ाई पेंटर असिस्टेंट सेल्स मैन कैटरिंग असिस्टेंट वॉल मैन सहित कई पद खत्म हो जाएंगे अभी इन पदों पर कार्य कर रहे स्टाफ को अन्य विभागों में समायोजित कर दिया जाएगा और भविष्य में इन पदों पर रेलवे भर्ती नहीं करेगा बोर्ड ने यह भी निर्देश दिए हैं कि जोनल रेलवे अपने स्तर पर भी ऐसे पदों को चिन्हित करें जिनका पूरा उपयोग नहीं हो रहा है इस श्रेणी में टाइमकीपर स्टाफ सांख्यिकी स्टाफ टिकटिंग स्टाफ सुरक्षा स्टाफ स्टोर खलासी जैसे पद शामिल है।
नॉर्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के जोनल महामंत्री आर डी यादव ने कहा कि सरकार भले ही या दावा कर रही है कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा लेकिन जो नीतियों से स्पष्ट है कि निजीकरण की तरफ कदम बढ़ गए हैं। सीपीआरओ एनसीआर शिवम शर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड से अभी कई पत्र प्राप्त हुए हैं उन सभी पर समग्र अध्ययन चल रहा है बीते कुछ वर्ष में ऐसे कई पद हैं जिनका कोई उपयोग नहीं है बीते कुछ वर्षों में नई एक्टिविटी भी शुरू हुई हैं उनके सापेक्ष पद नहीं है ऐसे में अब जिन पदों का उपयोग नहीं रह गया है उन कर्मचारियों से क्या काम लिया जाए उस पर मंथन किया जा रहा है।