ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए यूपी सरकार ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UP Pollution Control Board) से ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली औद्योगिक इकाइयों को सुविधा देते हुए तत्काल प्रभाव से एनओसी जारी करने का निर्णय लिया है।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन सिलेंडर समय से न मिलने पर कई लोगों की मौत हो रही है। ऑक्सीजन के लिए इधर-उधर भटकने के बाद भी समय पर इसका इंतजाम नहीं हो पा रहा। आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने बड़ा फैसला लिया है। अब ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए तत्काल अनुमति देने की व्यवस्था की जा रही है। ऑक्सीजन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए यूपी सरकार ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UP Pollution Control Board) से ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली औद्योगिक इकाइयों को सुविधा देते हुए तत्काल प्रभाव से एनओसी जारी करने का निर्णय लिया है। ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली इकाइयों को निवेश मित्र पोर्टल पर आवेदन करना होगा। जो औद्योगिक इकाइयां प्लांट लगाने की इच्छुक होंगी उन्हें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी तत्काल मिल जाएगा।
तत्काल एनओसी होगी जारी
निजी क्षेत्र में ऑक्सीजन प्लांट निर्माण को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्णय लिया है कि राज्य की कोई भी नई और मौजूदा औद्योगिक इकाई ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर सकती है। इसके साथ ही मौजूदा ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता या मौजूदा ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता को भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक सामान्य आदेश जारी कर तुरंत एनओसी जारी करने का निर्णय लिया है।
निवेश मित्र पोर्टल पर करें आवेदन
इच्छुक इकाइयों को उद्योग विभाग की साइट निवेश मित्र पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑक्सीजन प्लांट लगाने वाली इकाइयों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े मानकों का ख्याल रखना होगा। पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 के प्रावधानों के तहत मानकों का अनुपालन करते हुए ऑक्सीजन गैस का विधिवत निर्माण शुरू करना होगा।