
उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित इंट्रीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आईएमएलसी) परियोजना में भूमि अधिग्रहण की रफ्तार कई जिलों में धीमी है। प्रयागराज की स्थिति सबसे कमजोर है। जहां लक्ष्य का केवल 27% काम ही पूरा हो सका है। हापुड़, अमरोहा और रायबरेली भी प्रगति में पीछे हैं। इसके विपरीत उन्नाव, हरदोई, संभल और शाहजहांपुर ने भूमि अधिग्रहण में 90% से अधिक लक्ष्य हासिल कर बेहतर प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीइडा) को इस प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए हैं, ताकि 27 निर्धारित स्थानों पर जल्द से जल्द आईएमएलसी विकसित किए जा सकें। सरकार का मानना है कि तेजी से बढ़ते एक्सप्रेसवे नेटवर्क के कारण उत्तर प्रदेश कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अग्रणी बन रहा है, और इन क्लस्टरों की स्थापना से बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा। तथा युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। आईएमएलसी के लिए कुल 3707.19 एकड़ भूमि अधिग्रहण का लक्ष्य तय किया गया है, जिसके मुकाबले अभी तक 2701.53 एकड़ भूमि ही उपलब्ध कराई जा सकी है। औद्योगिक विकास विभाग ने यूपीइडा को शेष भूमि अधिग्रहण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि परियोजना समय पर आगे बढ़ सके।