लखनऊ

बंगाल चुनाव में गर्दा उड़ाने वाले IPS अजय पाल शर्मा के छोटे भाई इस जिले के हैं डीएम

IPS Ajay Pal Sharma : बंगाल चुनाव 2026 में चर्चा बटोरने वाले 'सिंघम' IPS अजय पाल शर्मा के छोटे भाई IAS अमित पाल भी यूपी प्रशासन की मजबूत कड़ी हैं। जानें किस जिले में तैनात हैं डॉ. अमित पाल और क्या है उनका बैकग्राउंड।

2 min read
May 04, 2026
IPS अजय पाल शर्मा के भाई हैं यूपी के इस जिले के डीएम, PC- Patrika

यूपी के सिंघम IPS अजय पाल शर्मा इस समय लगातार चर्चा में हैं। चर्चा की वजह है उनका बंगाल चुनाव में पर्यवेक्षक बनाए जाना। बंगाल चुनाव के दौरान IPS अजय पाल शर्मा के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों की गिनती हो रही है। नतीजे भाजपा के पक्ष में आते दिखाई दे रहे हैं।

पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी पर तैनात उत्तर प्रदेश कैडर के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा को 4 मई 2026 के बाद देख लेने की धमकी दी गई थी। उन्हें यह धमकी टीएमसी (TMC) प्रवक्ता रिजु दत्ता द्वारा दी गई थी।

ये भी पढ़ें

सिंघम IPS अजय पाल को अखिलेश ने बताया भाजपा का एजेंट, खुद की सरकार में दी थी दो बार प्राइम पोस्टिंग

लेकिन क्या आप जानते हैं राजनीति से इतर, IPS अजय पाल शर्मा के छोटे भाई भी उत्तर प्रदेश प्रशासन की मजबूत कड़ी हैं? आइए जानते हैं कहां है उनकी तैनाती।

कौन हैं IAS अमित पाल?

IPS अजय पाल शर्मा के छोटे भाई अमित पाल 2016 बैच के यूपी कैडर के IAS अधिकारी हैं। पंजाब के लुधियाना के मूल निवासी अमित पाल डॉक्टर भी हैं। उन्होंने MBBS की डिग्री हासिल की है। 28 अक्टूबर 2025 से वे उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में जिलाधिकारी (DM) के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे नगर आयुक्त समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। दोनों भाइयों ने अपनी मेहनत और काबिलियत से IAS और IPS जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में जगह बनाई है।

बंगाल चुनाव में क्यों चर्चा में हैं IPS अजय पाल शर्मा?

यूपी कैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा अपनी सख्त और निडर कार्यशैली के लिए मशहूर हैं। यूपी में तैनाती के दौरान उन्होंने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई और दर्जनों एनकाउंटर उनके नाम दर्ज हैं। उन्हें यूपी का ‘सिंघम’ और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट भी कहा जाता है।

2026 बंगाल विधानसभा चुनाव में उन्हें संवेदनशील क्षेत्रों, खासकर डायमंड हार्बर और साउथ 24 परगना की सीटों पर ऑब्जर्वर बनाया गया था। मतदान के दौरान धांधली रोकने, वोटरों को डराने-धमकाने और बाहरी तत्वों के खिलाफ उन्होंने सख्त कदम उठाए। टीएमसी उम्मीदवारों के साथ हुई तीखी बहस, लाठीचार्ज का नेतृत्व करने वाली तस्वीरें और सख्त चेतावनियां वायरल हुईं। TMC ने उन पर पक्षपात का आरोप लगाया और यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की गई, लेकिन अजय पाल शर्मा ने निष्पक्षता और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में हासिल कर रखी बढ़त

आज 4 मई 2026 को मतगणना के रुझानों में बीजेपी भारी बढ़त बनाए हुए है (190+ सीटों पर लीड), जबकि टीएमसी काफी पीछे है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से कराने में IPS अजय पाल शर्मा जैसे अधिकारियों की भूमिका पर खासा चर्चा हो रही है। दोनों भाई पंजाब के लुधियाना से ताल्लुक रखते हैं, लेकिन अपनी सेवा उत्तर प्रदेश में दे रहे हैं। एक भाई बंगाल जैसे संवेदनशील चुनाव में धांधली रोकने में सक्रिय, तो दूसरा यूपी के जिले को संभाल रहा है।

ये भी पढ़ें

दोस्त की पत्नी के साथ तीन जिगरी दोस्तों के थे अवैध संबंध, यारी में गद्दारी के बाद किया बड़ा कांड
Updated on:
04 May 2026 04:07 pm
Published on:
04 May 2026 04:06 pm
Also Read
View All