10 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘जंतर-मंतर के आंदोलन से गई शिक्षा मंत्री की कुर्सी’, मायावती बोलीं- अब हर परिवार को मिले सरकारी नौकरी

Mayawati Statement on Unemployment: बसपा सुप्रीमो मायावती ने बेरोजगारी और पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने सरकार से हर परिवार में एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
2 min read
Google source verification

लखनऊ

image

Mohsina Bano

Aug 10, 2026

BSP chief Mayawati

बसपा सुप्रीमो मायावती (Photo: Patrika)

BSP Chief Mayawati: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बेरोजगारी पेपर लीक और निजीकरण जैसे ज्वलंत मुद्दों को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों पर निशाना साधा है। मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर युवाओं के ऐतिहासिक आंदोलन के कारण ही शिक्षा मंत्री को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी है। उन्होंने सख्त लहजे में मांग की है कि सरकारें राष्ट्रीय संपत्तियों का निजीकरण तत्काल प्रभाव से रोकें और खाली पड़े लाखों सरकारी पदों पर बिना किसी भ्रष्टाचार के भर्तियां शुरू करें ताकि हर परिवार को कम से कम एक सरकारी नौकरी मिल सके।

BSP के कार्यकाल की दिलाई याद

मायावती ने उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार के कामों का जिक्र करते हुए कहा कि यह बात सर्वविदित है कि बसपा ने अपने शासनकाल में पुलिस और पंचायती राज विभागों में लगभग 2 लाख नए सरकारी पद सृजित किए थे। उस दौरान नौकरियों पर लगी रोक को हटाकर समाज के सभी वर्गों के लाखों लोगों को सरकारी नौकरियां दी गई थीं। सत्ता से बाहर रहने के बावजूद बसपा लगातार महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, महिलाओं की असुरक्षा और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों पर आवाज उठाती रही है। लेकिन बेहद दुख की बात है कि पिछली कांग्रेस सरकारों की तरह ही मौजूदा सरकारें भी इन समस्याओं के प्रति पूरी तरह लापरवाह बनी हुई हैं।

'36 दिन के आंदोलन का भी किया जिक्र'

बसपा सुप्रीमो ने CJP और शिक्षित बेरोजगार युवाओं के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक चले इनके व्यापक आंदोलन ने बेरोजगारी और युवाओं के अंधकारमय भविष्य को राष्ट्रीय स्तर की चर्चा का विषय बना दिया है। इसी कड़े विरोध का नतीजा है कि देश के शिक्षा मंत्री को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि केंद्र और राज्य सरकारें बाकी सब कुछ भुलाकर देश के 125 करोड़ गरीबों, मजदूरों और खासकर बेरोजगारी की मार झेल रहे लाखों परिवारों के लिए गंभीरता से काम करें।

निजीकरण रोककर तुरंत शुरू हो पारदर्शी भर्ती

सरकारी नौकरियों पर विशेष जोर देते हुए मायावती ने कहा कि राष्ट्रीय संपत्तियों को निजी हाथों में बेचना तुरंत बंद किया जाना चाहिए। सभी सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों के लिए समयबद्ध और भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती प्रक्रिया शुरू करना ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि एक परिवार में एक व्यक्ति को भी सरकारी नौकरी मिल जाती है तो इससे लाखों परिवारों का सीधा भला होगा।

आरक्षण व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा

मायावती ने कहा कि सरकारी नौकरियों से अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के समुदायों को भी वह सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी जिसके वे हकदार हैं। वर्तमान में आरक्षण व्यवस्था के काफी हद तक अप्रभावी और निष्क्रिय हो जाने के कारण ये वर्ग संविधान द्वारा दिए गए आत्मसम्मान के जीवन के बजाय गरीबी और बेबसी का जीवन जीने को मजबूर हैं।

संसद में जारी गतिरोध खत्म करने की अपील

मायावती ने सरकारों को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें व्यापारिक और मुनाफा कमाने वाली मानसिकता को छोड़कर संविधान की सच्ची कल्याणकारी नीतियों को लागू करना चाहिए। हर हाथ को रोजगार देना ही देश की लाखों समस्याओं का अचूक इलाज है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर संसद के वर्तमान सत्र में जारी गतिरोध को जल्द खत्म किया जाना चाहिए ताकि कोई भी सरकारी विधेयक बिना उचित बहस और चर्चा के कानून न बन सके।

बड़ी खबरें

View All

लखनऊ

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग

CJP Protest