
IPS Tarun Gaba Latest News: उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार को बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत 15 वरिष्ठ IPS अधिकारियों के तबादले किए। इस सूची में सबसे चर्चित नाम 2001 बैच के IPS अधिकारी तरुण गाबा का रहा। उन्हें अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) के पद से हटाकर एक बार फिर लखनऊ पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। करीब 11 महीने बाद उनकी राजधानी लखनऊ में वापसी हुई है। इससे पहले भी वह लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट का नेतृत्व कर चुके हैं और अब दूसरी बार शहर की कानून-व्यवस्था की कमान संभालेंगे।
तरुण गाबा को उत्तर प्रदेश सरकार के उन वरिष्ठ अधिकारियों में माना जाता है, जिन्हें चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने का लंबा अनुभव रहा है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और कानून-व्यवस्था से जुड़े जटिल मामलों को संभाला। यही वजह है कि सरकार ने एक बार फिर उन्हें प्रदेश की राजधानी की पुलिस व्यवस्था की कमान सौंपी है। उनकी कार्यशैली को परिणाम आधारित माना जाता है। अपराध नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय जैसे विषयों पर उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती है।
तरुण गाबा उत्तर प्रदेश कैडर के 2001 बैच के IPS अधिकारी हैं। उनका मूल निवास चंडीगढ़ है। उन्होंने अपने लंबे पुलिस करियर में राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं।
यूपी पुलिस में रहते हुए उन्होंने पीएसी, कारागार प्रशासन, स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) और कई अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों में सेवाएं दीं। इसके अलावा केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर रहते हुए उन्होंने CBI में भी लंबे समय तक कार्य किया। वर्ष 2020 में वह दोबारा उत्तर प्रदेश कैडर में लौटे और उसके बाद लगातार महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहे।
प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू होने के बाद 22 जून 2024 को तरुण गाबा को वहां का दूसरा पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया था। इस दौरान उन्होंने शहर की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधन और बड़े आयोजनों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रयागराज जैसे संवेदनशील शहर में पुलिस कमिश्नर के रूप में उनका कार्यकाल प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम माना गया। बड़े धार्मिक आयोजनों और वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने में उनकी भूमिका की चर्चा रही।
वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश सरकार ने अपराध नियंत्रण और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से तरुण गाबा को गृह सचिव की जिम्मेदारी भी सौंपी थी। उन्होंने उस समय एस.के. भगत का स्थान लिया था। गृह सचिव के रूप में उन्होंने पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, सुरक्षा संबंधी नीतियों को लागू करने और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसलों में भूमिका निभाई।
तरुण गाबा उत्तर प्रदेश के 5 जिलों में पुलिस प्रमुख के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। अलग-अलग जिलों में तैनाती के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने और संवेदनशील मामलों के प्रभावी निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया। राज्य पुलिस के विभिन्न विभागों में काम करने का उनका व्यापक अनुभव उन्हें प्रदेश के अनुभवी आईपीएस अधिकारियों की श्रेणी में खड़ा करता है।
प्रयागराज महाकुंभ के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल थे। इस आयोजन के लिए बनाई गई रणनीतियों में तरुण गाबा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन, सुरक्षा निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को लेकर विस्तृत योजनाएं तैयार कीं। बड़े धार्मिक आयोजन को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में उनके अनुभव का लाभ प्रशासन को मिला।