लखनऊ

भारत के रोम-रोम में बसे हैं राम-कृष्ण, अखिलेश के भ्रम फैलाने से कुछ नहीं होगा, कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सााधा निशाना

Surya Pratap Shahi statement: जन्माष्टमी पर मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, भगवान राम-कृष्ण भारतीयों के रोम-रोम में बसे हैं।
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Sep 04, 2026
जन्माष्टमी पर मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना (फोटो सोर्स : फाइल फोटो Ritesh Singh )
जन्माष्टमी पर मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, अखिलेश यादव पर भी साधा निशाना (फोटो सोर्स : फाइल फोटो Ritesh Singh )

Surya Pratap Shahi Comment Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रदेश के किसानों, युवाओं तथा माताओं-बहनों को विशेष रूप से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन भारतीय संस्कृति, धर्म और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन पर राजनीतिक निशाना भी साधा।

मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे प्रदेश और देश में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण भारतीय जनमानस की आस्था के केंद्र हैं और उनका जीवन धर्म, न्याय, कर्तव्य तथा सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि इस पावन अवसर पर वह प्रदेश के सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।

जन्माष्टमी पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं

सूर्य प्रताप शाही ने कहा, “आज श्रीकृष्ण जन्माष्टमी है और इस अवसर पर मैं संपूर्ण प्रदेशवासियों को, किसान भाइयों को, नौजवान साथियों को, माताओं-बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देना चाहता हूं।” उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव का भी अवसर है।

प्रदेशभर में जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिरों को सजाया गया और श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गईं और मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली।

किसानों और युवाओं को विशेष संदेश

मंत्री ने अपने संदेश में किसानों और युवाओं का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्रगति में किसानों और नौजवानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रदेश की मजबूती का आधार हैं, वहीं युवा शक्ति भविष्य के विकास की दिशा तय करती है।

उन्होंने माताओं और बहनों को भी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंत्री ने कहा कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और ऐसे पर्व समाज को एकजुट करने का काम करते हैं।

अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया

जन्माष्टमी के अवसर पर शुभकामनाएं देने के साथ ही मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव कभी भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि में दर्शन करने नहीं गए और इसी प्रकार वह श्रीराम जन्मभूमि को लेकर भी बयान देते रहे हैं।

सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लोगों के बीच भ्रम पैदा करके राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश करता है, तो यह भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना को देखते हुए सफल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि देश की जनता अपनी संस्कृति और आस्था से गहराई से जुड़ी हुई है।

भारत की संस्कृति और आस्था का जिक्र

मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि भारत की संस्कृति में भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण का विशेष स्थान है। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की आस्था केवल धार्मिक परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत के लोगों के “रोम-रोम में भगवान श्री राम और कृष्ण बसे हुए हैं।” उनके अनुसार, देश की जनता अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को भली-भांति समझती है और किसी भी तरह के भ्रम से प्रभावित नहीं होगी।

मंत्री के इस बयान को राजनीतिक हलकों में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक मुद्दे लंबे समय से चर्चा के केंद्र में रहे हैं। अयोध्या और मथुरा दोनों ही धार्मिक नगरी होने के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी विशेष महत्व रखते हैं।

सियासत में फिर गरमाया धार्मिक मुद्दों का दौर

मंत्री सूर्य प्रताप शाही के बयान के बाद एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में धार्मिक और सांस्कृतिक मुद्दों को लेकर बहस तेज होने की संभावना है। प्रदेश में सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच धार्मिक स्थलों, सांस्कृतिक विरासत और आस्था से जुड़े विषयों पर अक्सर राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिलती रही है।

भाजपा लगातार भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण को अपनी राजनीति और विचारधारा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताती रही है। वहीं विपक्षी दल सरकार पर कई मुद्दों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। ऐसे में जन्माष्टमी जैसे धार्मिक अवसर पर आया यह राजनीतिक बयान चर्चा का विषय बन गया है।

मथुरा और अयोध्या का राजनीतिक महत्व

उत्तर प्रदेश में मथुरा और अयोध्या दोनों का धार्मिक महत्व अत्यंत विशेष है। भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा और भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। यही कारण है कि इन दोनों धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दे अक्सर राजनीतिक चर्चाओं में भी प्रमुखता से सामने आते हैं। मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अपने बयान में इन दोनों स्थलों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उनका कहना था कि भारत की जनता अपनी धार्मिक मान्यताओं और सांस्कृतिक विरासत को लेकर पूरी तरह जागरूक है।

आस्था के साथ राजनीति भी चर्चा में

जन्माष्टमी के पावन पर्व पर जहां एक ओर प्रदेशभर में धार्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल दिखाई दिया, वहीं दूसरी ओर मंत्री सूर्य प्रताप शाही के बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को भी हवा दे दी। उनके बयान में भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की भारतीय समाज में मौजूद गहरी आस्था का उल्लेख किया गया। वरिष्ठ राजनीतिक जानकार राघवेंद्र सिंह  का मानना है कि उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दे हमेशा प्रभावी रहे हैं। ऐसे में प्रमुख नेताओं के बयान न केवल राजनीतिक बहस को प्रभावित करते हैं, बल्कि सार्वजनिक चर्चा का भी हिस्सा बन जाते हैं।

संदेश में संस्कृति और राजनीति का संगम

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने जहां प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं, वहीं विपक्ष पर राजनीतिक हमला भी बोला। उनके बयान में भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और राजनीतिक विमर्श-तीनों का स्पष्ट संगम दिखाई दिया।

उन्होंने प्रदेश के किसानों, युवाओं, माताओं और बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व समाज में सकारात्मकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का अवसर है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारत की जनता भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के प्रति अपनी गहरी आस्था रखती है।