लखनऊ

जौहर यूनिवर्सिटी विवाद: रामपुर में इकरा हसन और आजम खां समर्थक आपस में भिड़े, दोनों में हुई धक्का-मुक्की

Rampur News: रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी विवाद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान संत शिरोमणि गेस्ट हाउस में इकरा हसन और आजम खां समर्थकों के बीच धक्का-मुक्की हो गई।
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Updated: 25 Jul 2026, 9:55 PM IST
Iqra Hasan
रामपुर में इकरा हसन और आजम खां समर्थक भिड़े (X Photo)

Johar University Controversy: रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी विवाद को लेकर सियासत तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के दौरान संत शिरोमणि गेस्ट हाउस में सांसद इकरा हसन और आजम खां समर्थकों के बीच विवाद हो गया। हॉल में प्रवेश को लेकर शुरू हुई नोकझोंक देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। कुछ देर तक पूरे गेस्ट हाउस में हंगामे और अफरा-तफरी मच गई। वहीं सपा नेताओं ने यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण आदेश को रद्द करने की मांग उठाई है।

सपा और आजम खां के समर्थकों में हुई धक्का-मुक्की

सपा का प्रतिनिधिमंडल जौहर यूनिवर्सिटी मामले को लेकर रामपुर पहुंचा था। प्रतिनिधिमंडल के नेताओं की बैठक के लिए जौहर रोड स्थित संत शिरोमणि गेस्ट हाउस में व्यवस्था की गई थी। इसी दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक भी हॉल में जाने की कोशिश करने लगे। तभी सांसद इकरा हसन के समर्थक उनके साथ अंदर जाने लगे, जबकि वहां आजम खां समर्थक भी बड़ी संख्या में मौजूद थे। जगह कम होने और भीड़ बढ़ने के कारण दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई। और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।

सुरक्षा घेरे में हॉल तक पहुंचीं सांसद इकरा हसन

हंगामे के बाद कुछ लोगों ने आगे आकर दोनों पक्षों को शांत कराया। प्रवेश द्वार पर काफी देर तक अव्यवस्था बनी रही। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच सांसद इकरा हसन को हॉल के अंदर पहुंचाया गया। स्थिति सामान्य होने के बाद प्रतिनिधिमंडल की बैठक आगे बढ़ सकी।

इससे पहले भी रामपुर में सपा नेताओं और समर्थकों के बीच मतभेद सामने आ चुके हैं। दो दिन पहले विधायकों और पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के रामपुर पहुंचने पर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और आजम खां समर्थकों के बीच बहस हुई थी। उस दौरान दोनों तरफ से नारेबाजी भी हुई थी।

जौहर यूनिवर्सिटी बचाने के लिए सपा ने खोला मोर्चा

जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों के गिराने के आदेश के खिलाफ समाजवादी पार्टी खुलकर मैदान में उतर आई है। सपा के आठ सांसदों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को रामपुर पहुंचा और यूनिवर्सिटी गेट पर सातवें दिन धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों को भरोसा दिलाया कि यूनिवर्सिटी को टूटने नहीं दिया जाएगा। इसके बाद सांसदों ने यूनिवर्सिटी के वीसी से बंद कमरे में मुलाकात की और पूरे मामले की जानकारी ली।

DM को सौंपा ज्ञापन, आदेश वापस लेने की मांग

सपा प्रतिनिधिमंडल ने इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी से मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश को रद्द करने की मांग की गई। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा विरोधी काम कर रही है और यूनिवर्सिटी को तोड़ने का आदेश इसी का हिस्सा है। नेताओं ने कहा कि इस मामले में कानूनी विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है और किसी भी कीमत पर यूनिवर्सिटी को टूटने नहीं दिया जाएगा।

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25 Jul 2026, 9:55 PM IST
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