लखनऊ

‘ओवैसी जल्द सनातन धर्म में लौटेंगे’, AIMIM के बयान पर मंत्री जे.पी.एस. राठौर का बड़ा पलटवार

JPS Rathore Statement: कांवड़ यात्रा पर AIMIM के बयान के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। यूपी सरकार के मंत्री जे.पी.एस. राठौर ने असदुद्दीन ओवैसी पर पलटवार करते हुए कहा कि वह जल्द सनातन धर्म में लौटेंगे।
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Aug 05, 2026
Asaduddin Owaisi AIMIM News Kanwar Yatra Controversy
मंत्री जे.पी.एस. राठौर का ओवैसी पर पलटवार

JPS Rathore on Owaisi: कांवड़ यात्रा को लेकर AIMIM की ओर से दिए गए बयान पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। पार्टी के प्रवक्ता शादाब चौहान द्वारा कांवड़ यात्रा और नमाज को लेकर की गई टिप्पणी के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इसी मुद्दे पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री जे.पी.एस. राठौर ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि "ओवैसी सनातन धर्म में लौटेंगे, वह बहुत जल्द लौटेंगे।"

क्या है पूरा मामला?

AIMIM के प्रवक्ता शादाब चौहान ने कांवड़ यात्रा को लेकर बयान देते हुए आरोप लगाया कि कांवड़ यात्रा के दौरान नशे की हालत में चलने वाले लोगों पर पुलिस कार्रवाई नहीं करती, जबकि नमाज जैसे मामलों में अलग रवैया अपनाया जाता है। उन्होंने कांवड़ यात्रा और नमाज को लेकर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया और भाजपा नेताओं ने AIMIM पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया।

जे.पी.एस. राठौर का पलटवार

लखनऊ में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री जे.पी.एस. राठौर ने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ओवैसी सनातन धर्म में लौटेंगे। वह बहुत जल्द सनातन धर्म में वापस आएंगे।" राठौर ने इसे सनातन पर आस्था का विषय बताते हुए कहा कि ऐसे बयान समाज में भ्रम फैलाने वाले हैं।

AIMIM की ओर से क्या कहा गया?

AIMIM की ओर से कहा गया कि उनका सवाल कानून के समान अनुपालन को लेकर है। पार्टी का दावा है कि यदि कोई व्यक्ति कानून तोड़ता है, तो उसके खिलाफ समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए। हालांकि, कांवड़ियों को लेकर की गई टिप्पणी पर भाजपा और अन्य संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है।

बयानों से गरमाई सियासत

कांवड़ यात्रा को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी तक पहुंच गया है। एक ओर AIMIM कानून के समान पालन की बात कर रही है, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि इस तरह के बयान करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं और यह मुद्दा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

Updated on:
05 Aug 2026 03:13 pm
Published on:
05 Aug 2026 03:13 pm
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