
CM योगी ने सपा पर साधा निशाना। फोटो-ANI
UP Assembly Monsoon Session:उत्तर प्रदेशविधानसभा का मानसून सत्र विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच बुधवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र समाप्त होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि विपक्ष ने जनहित के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय पूरे सत्र में व्यवधान उत्पन्न करने की राजनीति की।
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा लोकतांत्रिक विमर्श का मंच है, लेकिन समाजवादी पार्टी ने इस मंच का उपयोग रचनात्मक चर्चा के बजाय विरोध और हंगामे के लिए किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का रवैया लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं था तथा उसके व्यवहार से विकास और जनहित के मुद्दे प्रभावित हुए।
CM ने कहा कि सरकार अनुपूरक बजट के माध्यम से कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी प्रस्ताव लेकर आई थी, लेकिन विपक्ष ने उन पर भी सार्थक चर्चा नहीं होने दी। उन्होंने बताया कि बजट में शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और अन्य अल्प मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों के हितों के लिए अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान किए गए थे, जिन पर सदन में सकारात्मक बहस होनी चाहिए थी।
सीएम योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया है। वहीं, अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि दोनों वर्गों को पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुपूरक बजट में सामाजिक न्याय से जुड़े कई कार्यों के लिए भी प्रावधान किया गया था। इसमें महापुरुषों और संतों के स्मारकों, प्रतिमाओं के संरक्षण, छाजन और बाउंड्री वॉल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए धनराशि का प्रावधान शामिल था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष इन जनहितकारी प्रस्तावों पर भी चर्चा नहीं होने देना चाहता था, हालांकि अंततः सदन ने अनुपूरक बजट को मंजूरी दे दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी का रवैया किसानों, युवाओं, महिलाओं, दलितों, पिछड़ों और गरीबों के हितों के अनुकूल नहीं रहा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अल्प मानदेय प्राप्त कर्मचारियों के मुद्दों पर चर्चा से बचना विपक्ष की सोच को दर्शाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी सरकार लगातार इन वर्गों के हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है। CM योगी ने कहा, ''समाजवादी पार्टी की नकारात्मक रवैये के कारण युवाओं-किसानों के मुद्दें पर, महिलओं के स्वावलंबन के मुद्दे पर या गरीबों के लिए बनने वाली वेलफेयर की अन्य स्कीमों के मुद्दे पर सदन में समाजवादी पार्टी ने कोई चर्चा नहीं होने दी। इनका यह आचरण असंवैधानिक भी है, किसान विरोधी है, युवा विरोधी है, महिला विरोधी है और गरीब विरोधी भी है।"
इससे पहले सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी, शिक्षक भर्ती, पेपर लीक और अन्य मुद्दों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लगातार नारेबाजी के कारण विधानसभा की कार्यवाही पहले कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा। इसके बावजूद सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश किए और उन्हें पारित कराया।
सदन की कार्यवाही के अंत में संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने मानसून सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव रखा। पीठ ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए सत्र समाप्त करने की घोषणा कर दी।
Updated on:
05 Aug 2026 02:55 pm
Published on:
05 Aug 2026 02:55 pm
