
लखनऊ. तमाम सस्पेंस से बुधवार को पर्दा उठ गया और कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा ज्वाइन कर ली। दिल्ली में भाजपा कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में उन्होंने 'कमल' थामा। अपने संबोधन में इस दौरान ज्योतिरादित्य अपने स्वर्गीय पिता माधवराव सिंधिया को याद कर भावुक भी दिखे। माधवराव सिंधिया का जन्म 10 मार्च, 1945 को मुंबई में हुआ था। उनकी मृत्यु 30 सितंबर 2001 को यूपी के मैनपुरी में हुई थी। यह एक तारीख है जिसके बाद ज्योतिरादित्य की जिंदगी बदल गई। मैनपुरी में हुई पिता की मृत्यु के बाद दुख के दौर से गुजर रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की व परिवार की कमान संभाली।
बुधवार को उन्होंने कहा कि 30 सितंबर 2001, जिस दिन मैंने अपने पिता को खोया व 10 मार्च 2020, जो उनकी 75वीं वर्षगांठ थी। इन दो दिनों ने मेरा जीवन बदल दिया। मैंने जीवन में नई परिकल्पना, नए मोड़ का सामना करके एक निर्णय लिया है। मेरे पिताजी ने और मैंने पिछले 18 -19 वर्षों में जो समय मुझे मिला है, उसमें पूरी श्रद्धा के साथ प्रदेश और देश की सेवा करने की कोशिश की।
ऐसे हुई थी पिता की मौत-
माधवराव सिंधिया 30 सितंबर 2001 को एक विमान में सवार थे। उनके साथ उनके निजि सचिव रुपिंदर सिंह, कुछ बड़े पत्रकारों को जोड़कर कुल आठ लोग विमान में मौजूद थे। लेकिन दुर्भाग्यवश यूपी के मैनपुरी में प्लेन क्रैश हो गया। माधवराव सिंधिया समेत सभी आठ लोगों की इसमें मृत्यु हो गई। माधव राव सिंधिया आपातकाल के दौरान अपनी मां विजया राजे सिंधिया से बगावत करके कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए थे। माधवराव सिंधिया केंद्र में कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रहे।