कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) मामले में शक की सुई कानपुर (Kanpur) के चौबेपुर थाना प्रभारी विनय तिवारी (Vinay Tiwari) पर जाकर रुकी है, जिसे मामले में संदिग्धता के आधार पर निलंबित कर दिया गया है।
कानपुर. कानपुर एनकाउंटर (Kanpur Encounter) में एक-एक करके कई खुलासे हो रहे हैं। पुलिस (UP Police) के खिलाफ इतनी बड़ी हत्या की साजिश यूं ही नहीं कामयाब हो पाई। इसमें किसी ने 'विभीषण' की भूमिका निभाई है। वर्तमान में शक की सुई कानपुर के चौबेपुर थाना प्रभारी विनय तिवारी (Vinay Tiwari) पर जाकर रुकी है, जिसे मामले में संदिग्धता के आधार पर निलंबित कर दिया गया है। फरार अपराधी विकास दुबे (Vikas Dubey) को गुप्त जानकारी लीक करने का भी उनपर आरोप है।
मामले में जब उनसे पत्रकारों द्वारा सवाल किए गए तब वह नजरें चुराते और सवालों में बचते दिखे। एक पत्रकार ने उनसे जब पूछा कि वह अपने बचाव में वह क्या कहना चाहते हैं, इस पर वह बोले कि मैं अधिकारियों को अवगत करा दूंगा। अपने ट्रांफसर को लेकर उन्होंने कहा कि वह आप अधिकारियों से पता कर सकते हैं। वहीं सूत्रों की मानें, तो हिस्ट्रीशीटर की कॉल डीटेल खंगालने पर विकास के कई पुलिस कर्मियों से संपर्क होने की बात सामने आई है।
थाना प्रभारी को हो सकती है जेल-
मामले में किसी शख्स की मुखबिरी की बात सामने आने के बाद आईजी मोहित अग्रवाल का कहना है कि थाना प्रभारी को निलंबित किया गया। और अगर जांच में वह मामले में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ मामला भी दर्ज होगा, उसे जेल भी होगी। पुष्पराज सिंह को चौबेपुर थाने का चार्ज दिया गया है।
एसटीएफ ने अन्य पुलिकर्मियों से भी पूछताछ की है। वहीं विकास दुबे की कॉल डीटेल खंगालने पर मालूम हुआ कि कुछ पुलिसकर्मियों ने नाम बदलकर उससे बातचीत की है।