Kanpur Violence: कानपुर हिंसा के लेकर पुलिस कड़ा रुख अपना रही है। पूछताछ के साथ आरोपियों के संपर्क भी तलाश रही। अब जेल में...
कानपुर की नई सड़क हिंसा के मुख्य आरोपित समेत आठ उपद्रवियों को सुरक्षा कारणों से दूसरे जिले की जेलों में शिफ्ट किया गया है। इसमें एक पीएफआई सदस्य भी शामिल है। कोर्ट में पेशी पर सभी आरोपित अलग-अलग जेलों से आएंगे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सभी आरोपितों को दूसरी जेल भेजने का आदेश शासन से 16 जून को आया था। इसके बाद गार्द लगाकर सभी को यहां से ट्रांसफर किया गया है।
नई सड़क हिंसा में पुलिस ने हयात जफर हाशमी को मुख्य आरोपित बनाया है, वहीं जावेद अहमद खां, मोहम्मद सुफियान और मोहम्मद राहिल सह अभियुक्त की भूमिका में हैं। सुरक्षा कारणों से हयात जफर हाशमी को चित्रकूट, मोहम्मद राहिल को पीलीभीत, मोहम्मद सुफियान को सोनभद्र, जावेद अहमद खां को बस्ती जेल ट्रांसफर किया गया है।
पीएफआई एजेंट की भी बदली जेल
पुलिस ने मामले में पीएफआई एजेंट मोहम्मद उमर को भी गिरफ्तार किया था। उसे खीरी जेल ट्रांसफर किया गया है। इसके अलावा मोहम्मद फैसल को सुल्तानपुर और पूर्व सपा नेता निजाम कुरैशी देवरिया औऱ सऊद कालिया को कासगंज जेल ट्रांसफर किया गया है।
क्या बोले जिम्मेदार
जेल अधीक्षक आरके जायसवाल के अनुसार आठ बंदियों को सुरक्षा के लिहाज से यहां से दूसरे जिलों की जेलों में ट्रांसफर किया गया है। इसमें से छह बंदी शनिवार और दो बंदी रविवार को भेजे जा चुके हैं। शासनादेश के बाद बंदियों की ट्रांसफर प्रक्रिया की गई है।
घटना के गवाह तैयार
कानपुर में के नई सड़क हिंसा में पुलिस टीम और एसआईटी नए नए खुलासे कर रही हैं। घचना के 15 दिन पूरे हो चुके हैं। विवेचना के लिए गठित की गई एसआईटी ने 15 दिनों ने 145 पर्चे काट दिए हैं। प्रतिदिन नौ की औसत से पर्चे काटे गए हैं। जिसमें 62 लोगों की गवाही हो चुकी है। एसआईटी का दावा है कि 90 दिनों में वह इस प्रकरण में चार्जशीट फाइल कर देगी। सूत्रों के मुताबिक एसआईटी के अबतक के काटे गए पर्चों में 42 ऐसे गवाहों को शामिल किया गया है जिनके सामने पथराव और बमबाजी हुई थी।