
Kanwar Yatra 2026: श्रावण मास की कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब बस कुछ दिन बाकी हैं। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार इस बार कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है। परिवहन विभाग ने अतिरिक्त बसों का इंतजाम करने के साथ-साथ 24 घंटे कंट्रोल रूम बनाने का फैसला लिया है ताकि कोई समस्या आए तो तुरंत निपटाई जा सके। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अधिकारियों को साफ निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा सुगम और सुरक्षित हो, इसके लिए हर स्तर पर तैयारी होनी चाहिए। यूपीएसआरटीसी के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह ने भी बताया कि हर क्षेत्रीय मुख्यालय पर 24x7 कंट्रोल रूम चलेगा। यात्रा शुरू होने से लेकर खत्म होने तक ये कंट्रोल रूम लगातार काम करेगा और हर गतिविधि का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ती जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार ने हरिद्वार रूट पर खासतौर पर अतिरिक्त बसें चलाने का प्लान बनाया है। इसके अलावा लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे बड़े शहरों के रूटों पर भी जरूरत के हिसाब से एक्स्ट्रा बसें उपलब्ध कराई जाएंगी।
मंत्री ने बस स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधाओं को लेकर भी सख्ती बरती है। कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले स्टेशनों पर साफ-सुथरे शौचालय, पीने का पानी, आराम करने की व्यवस्था, पूछताछ काउंटर, लाउडस्पीकर और खाने-पीने के स्टॉल अच्छे से चलते रहें, यह सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सड़क पर यात्रा करते समय सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। बसों की स्पीड सीमा में रखी जाएगी। हर ड्राइवर का ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट अनिवार्य होगा। सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सख्ती से कराया जाएगा। इतना ही नहीं, क्षेत्रीय प्रबंधकों को मंडलायुक्त और जिलाधिकारियों की बैठकों में जरूर शामिल होने को कहा गया है। जिला प्रशासन और पुलिस के साथ अच्छा तालमेल रखकर रूट डायवर्जन और अन्य व्यवस्थाओं को लागू किया जाएगा। रूट बदलने की सूचना व्हाट्सएप ग्रुप और फोन के जरिए तुरंत सभी को पहुंचाई जाएगी ताकि बसों का संचालन बिना रुके चले।
परिवहन मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील की है कि कांवड़ियों से अच्छा व्यवहार करें, उनकी हर छोटी-बड़ी मदद करें। बसों के कारण कांवड़ यात्रा में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए। जिला प्रशासन द्वारा बताए गए वैकल्पिक रास्तों पर ही बसें चलेंगी।