
Kawariya Mahashivratri Kanwar Yatra : महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर राजधानी की सड़कों पर भक्ति भाव की लहर दौड़ पड़ी है। कानपुर के बिठूर से गंगाजल लेकर निकले हजारों कांवरियों के जत्थे लखनऊ से गुजरते हुए शिवधाम महादेवा की ओर बढ़ रहे हैं। भोलेनाथ के इन भक्तों की श्रद्धा और उत्साह राजधानीवासियों को महाशिवरात्रि के आगमन का एहसास करा रही है। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के गगनभेदी जयकारों से शहर की गलियां और सड़कें भक्तिमय हो गई हैं।
हर साल की तरह इस बार भी बसंत पंचमी के दिन से भक्त बिठूर के पवित्र गंगा घाट से जल लेकर पैदल यात्रा पर निकले हैं। उनका लक्ष्य महाशिवरात्रि पर लोधेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल अर्पित करना है। कांवरिये कानपुर के परियर पुल से होते हुए रसूलाबाद, हसनगंज, मोहान, महाराजगंज होते हुए राजधानी में प्रवेश करते हैं। राजधानी के बुद्धेश्वर महादेव मंदिर से होते हुए ये जत्थे डालीगंज, आईटी चौराहा, निशातगंज से अयोध्या मार्ग होते हुए लोधेश्वर महादेव मंदिर पहुंचेंगे।
कांवरियों की सेवा के लिए राजधानी में विभिन्न सामाजिक संगठनों और भक्तों ने जगह-जगह शिविर लगाए हैं। इन शिविरों में कांवरियों को ठहरने, फलाहार, चाय और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। बुद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर में कांवरियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
कांवरियों के अनुसार शिव भक्ति की ऊर्जा ही उन्हें लंबी यात्रा के दौरान थकान महसूस नहीं होने देती। कानपुर से आए एक कांवरिये ने कहा, "भोले बाबा की कृपा से शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। थकावट तो महसूस ही नहीं होती।" वहीं, कुछ कांवरियों ने राजधानी में जाम की समस्या और आराम स्थलों की कमी पर चिंता जताई।
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महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में भगवान शिव के महा उत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर गंगाजल, दूध और बेलपत्र अर्पित करते हैं और रात्रि जागरण कर शिव की आराधना करते हैं।