
अब तक 69 लाख लोगों ने होम स्टे बुक कराए
Ayodhya: अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं की बाढ़ सी आ गई है। दूर-दूर से लोग अपने आराध्य के दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं। इस श्रद्धा के सैलाब का सीधा लाभ अयोध्या के व्यापारियों और होम स्टे संचालकों को मिल रहा है। दिव्य अयोध्या ऐप के जरिए अब तक 69 लाख से अधिक श्रद्धालु होम स्टे बुक कर चुके हैं।
22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा होने के बाद से ही श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। योगी सरकार ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए पहले ही होम स्टे योजना शुरू कर दी थी, जिससे स्थानीय लोग भी इसका लाभ उठा सकें।
अयोध्या विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष अश्वनी पांडेय के अनुसार, "अयोध्या में बढ़ते श्रद्धालुओं के कारण होम स्टे की मांग बहुत अधिक बढ़ गई है। इससे स्थानीय लोगों को अच्छी आमदनी हो रही है और श्रद्धालुओं को ठहरने में सुविधा मिल रही है।"
अयोध्या में होम स्टे पंजीकरण की प्रक्रिया 26 दिसंबर 2022 से शुरू हुई थी। अब तक 1136 भवनों को होम स्टे के रूप में पंजीकृत किया जा चुका है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 14 जनवरी 2024 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने "दिव्य अयोध्या ऐप" लॉन्च किया था, जो अब ऐप्पल और एंड्रॉयड दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
श्रद्धालु और पर्यटक दिव्य अयोध्या ऐप के माध्यम से 1500 से 2500 रुपये के बीच होम स्टे बुक कर सकते हैं। इसके अलावा yatradham.com और easemytrip.com को भी इस ऐप से जोड़ा गया है, जिससे बुकिंग की संख्या और बढ़ने की संभावना है।
हरिओम होम स्टे – मुफ्त सेवा और रामकथा का आयोजन
नाका बाईपास के निकट हरिओम होम स्टे के संचालक पंकज मिश्र बताते हैं, "हमारे पिताजी राजमणि मिश्र श्रद्धालुओं को घर के सदस्यों की तरह मानते हैं। सुबह आने वालों को पानी और मीठा, शाम को चाय मुफ्त में दी जाती है। साथ ही शाम को अतिथियों को राम कथा और अयोध्या के बारे में बताया जाता है। पहले हमारी आमदनी 15-20 हजार रुपये थी, जो अब 50-60 हजार रुपये हो गई है।"
अवध होम स्टे के मालिक अमरेश पांडेय का कहना है, "हमारा होम स्टे 15 जनवरी 2024 को पंजीकृत हुआ था। पहले हमारी आमदनी 15,000 रुपये थी, लेकिन अब यह 70-80 हजार रुपये प्रतिमाह हो गई है। कुंभ मेले के दौरान आमदनी और बढ़ गई है।"
श्री राघव होम स्टे के मालिक विमल श्रीवास्तव ने बताया, "पहले प्रतिमाह 60,000 रुपये की आमदनी होती थी, लेकिन कुंभ मेले में यह बढ़कर 90,000 से 1 लाख रुपये हो गई है।"
डॉ. सविता के स्वामित्व वाले कलश होम स्टे का पंजीकरण जनवरी 2024 में हुआ था। वह बताती हैं, "पहले हमारी आमदनी 80 हजार से 1 लाख रुपये थी, लेकिन कुंभ मेले के दौरान यह 1.5 से 2 लाख रुपये तक पहुंच गई है। योगी सरकार ने हमें आमदनी का एक बेहतरीन जरिया दे दिया है।"
होम स्टे योजना के कारण न सिर्फ स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़ी है, बल्कि श्रद्धालुओं को भी सुरक्षित और सस्ती ठहरने की सुविधा मिल रही है। अयोध्या में होम स्टे एक नया ट्रेंड बन चुका है, जहां लोग होटल की बजाय घर जैसे माहौल में ठहरना पसंद कर रहे हैं।
Updated on:
17 Feb 2025 12:08 am
Published on:
17 Feb 2025 12:08 am
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