जानें- मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के बारे में खास बातें...
लखनऊ. राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के तत्वाधान में सरयू तट पर आज एक साथ 1500 मुसलमान सामूहिक नमाज अदा करेंगे और राम मंदिर निर्माण के लिये दुआ मांगेंगे। साथ ही देश में एकता, अखंडता और भाईचारे का संदेश भी देंगे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही विवादों में आ गया है। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के इस कार्यक्रम से आरएसएस ने खुद को अलग कर लिया है। लेकिन यूपी सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री लक्ष्मीनारायण चौधरी के कार्यक्रम में शामिल होने की बात कही जा रही है। आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के सह संयोजक संत मुरारी दास उर्फ महिर ध्वज ने ही दो दिन पहले फैजाबाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सह संयोजक संत मुरारी दास ने पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी थी। आइए जानते हैं कौन है ये राष्ट्रीय मुस्लिम मंच जो अयोध्या में करवा रहा है सामूहिक नमाज।
कौन है मुस्लिम राष्ट्रीय मंच
मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का गठन वर्ष 2002 में हुआ था। इसके राष्ट्रीय संयोजक मुहम्मद अफजल, सह संयोजक संत मुरारी दास उर्फ महिर ध्वज और मार्गदर्शक इंद्रेश कुमार हैं। राष्ट्रीय मुस्लिम मंच को आरएसएस का सहयोगी संगठन बताया जाता रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस मंच ने नरेंद्र मोदी के लिए अभियान चलाया था। इस संगठन का दावा है कि वह मुसलमानों को संघ के करीब लाने का काम कर रहा है। 16 साल पहले संघ के तत्कालीन प्रमुख केएस सुदर्शन की मदद से मुस्लिम राष्ट्रीय मंच को स्थापित किया गया था। औपचारिक रूप से आरएसएस इस संगठन को अब भी नहीं अपनाता है, लेकिन इस पर आरएसएस की नजर जरूर रहती है।
नाराज हैं मौलाना कल्वे जव्वाद
बीते दिनों जुमे की नमाज के बाद शिया धर्मगुरु मौलाना कल्वे जव्वाद मुस्लिम राष्ट्रीय मंच से खासे नाराज नजर आये थे। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) ने 'मुस्लिम राष्ट्रीय मंच' नाम का कोई मोर्चा बनाया है, जिसमें कुछ बेईमान लोग शामिल हो गये हैं। यही बेईमान लोग मुसलमानों को करीब करने के बजाय भाजपा से दूर कर रहे हैं।