
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हिंदू संगठनों की मांग पर भगवान लक्ष्मण की 150 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति से बड़ी मगर अयोध्या में भगवान राम की मूर्ति से छोटी होगी। इसे गोमती नदी के किनारे झूलेलाल वाटिका के पास स्थापित किया जाएगा। प्रतिमा पर 15 करोड़ का खर्च आएगा और इसे भगवान श्रीलक्ष्मण प्रेरणा स्थल नाम दिया गया है। फिलहाल लखनऊ नगर निगम कार्यकारिणी ने प्रतिमा लगाने के लिए बजट पास कर दिया है और मेयर संयुक्ता भाटिया ने इसे मंजूरी दे दी है। बता दें कि इससे पहले टीले वाली मस्जिद के सामने मूर्ति स्थापना की मांग की गई थी। लेकिन मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं ने इसका विरोध किया था।
दिवंगत नेता लालजी टंडन की पुस्तक में दावा
लखनऊ में भगवान लक्ष्मण की प्रतिमा स्थापित करने की मांग पुरानी है। स्टैच्यू को सबसे पहले टीले वाली मस्जिद के सामने लगाने की मांग उठी थी। क्योंकि हिंदू संगठनों और संतों का कहना था कि यह लक्ष्मण का टीला के नाम पर दर्ज है। भाजपा पार्षद रामकृष्ण यादव ने भी प्रस्ताव रखा था कि टीले की मस्जिद के पास प्रतिमा स्थापित की जाए क्योंकि आज भी वह स्थान लक्ष्मण के टीले के नाम से जाना जाता है। उन्होंने दावा भी किया है कि लक्ष्मण का टीला अभी भी भू-अभिलेखों में दर्ज है। दिवंगत नेता लालजी टंडन ने भी अपनी किताब में टीले वाली मस्जिद की जगह को प्राचीन लक्ष्मण टीला होने का दावा किया गया था।
भगवान श्रीराम की प्रतिमा से छोटी होगी लक्ष्मण प्रतिमा
नगर निगम के प्रस्ताव के बाद मुस्लिम संगठनों और धर्मगुरुओं ने विरोध किया था, जिसके बाद मामला थम गया था। नए प्रस्ताव के अनुसार भगवान लक्ष्मण की मूर्ति गोमती नदी के किनारे लगाई जाएगी। यह प्रतिमा अटल बिहारी वाजपेयी की मूर्ति से भी बड़ी होगी। अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा की ऊंचाई 25 फीट है, जबकि लक्ष्मण मूर्ति की ऊंचाई 150 फीट होगी। हालांकि, अयोध्या में बनी भगवान राम की मूर्ति से लक्ष्मण मूर्ति छोटी होगी। 251 मीटर ऊंची श्रीराम मूर्ति दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति है।