LDA Scheme: लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओटीएस योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है, अब तक 110 आवंटियों ने आवेदन किया, हेल्प डेस्क और कैंप के जरिए लोगों को जानकारी व सहायता दी जा रही।
LDA OTS Scheme: राजधानी में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों से जुड़े बकायेदारों को राहत देने के उद्देश्य से चलाई जा रही लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को लोगों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। सोमवार को 85 आवंटियों ने इस योजना के तहत आवेदन किया, जिसके बाद कुल आवेदनों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है।
प्राधिकरण द्वारा इस योजना के प्रचार-प्रसार और अधिकाधिक लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। एलडीए परिसर में स्थापित हेल्प डेस्क पर आवंटियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी जा रही है, साथ ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया में भी कर्मचारियों द्वारा सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
एलडीए ने आवंटियों की सुविधा के लिए अपने कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित की है, जहां प्रशिक्षित कर्मचारी योजना से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं। यहां आवंटियों को यह बताया जा रहा है कि वे किस प्रकार इस योजना का लाभ उठा सकते हैं और किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। कई आवंटियों ने बताया कि उन्हें पहले योजना की पूरी जानकारी नहीं थी, लेकिन हेल्प डेस्क के माध्यम से उन्हें न केवल योजना की शर्तों को समझने में मदद मिली, बल्कि ऑनलाइन आवेदन करने में भी आसानी हुई।
LDA द्वारा योजना को और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कैंप भी लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-7 स्थित भवानी मार्केट में विशेष ओटीएस कैंप आयोजित किया गया, जो मंगलवार, 21 अप्रैल को भी जारी रहेगा। इन कैंपों का उद्देश्य उन आवंटियों तक पहुंच बनाना है, जो किसी कारणवश LDA कार्यालय नहीं आ पाते। कैंप में मौके पर ही आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे लोगों को समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।
LDA के उप सचिव माधवेश कुमार ने बताया कि योजना के व्यापक प्रचार के लिए कॉल सेंटर और आईटी सेल की मदद ली जा रही है। बकायेदारों को फोन कॉल, एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से योजना की जानकारी भेजी जा रही है।
उन्होंने बताया कि 18 अप्रैल से शुरू हुई यह योजना 17 जुलाई 2026 तक चलेगी, जिससे आवंटियों को पर्याप्त समय मिल सके। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठाकर अपने बकाया मामलों का निस्तारण कर सकें।
ओटीएस योजना को व्यापक दायरे में लागू किया गया है। इसमें LDA की सभी प्रकार की आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियां शामिल हैं। इसके अलावा, सरकारी संस्थाओं को आवंटित भूमि, स्कूलों के भूखंड, चैरिटेबल संस्थाओं की संपत्तियां, नीलामी या अन्य प्रक्रियाओं से आवंटित संपत्तियां तथा सहकारी आवास समितियों की संपत्तियां भी इस योजना के दायरे में आती हैं। इसके साथ ही, जिन लोगों ने समय पर किस्तें जमा नहीं कीं और जिन पर दंड ब्याज एवं चक्रवृद्धि ब्याज लगाया गया है, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें आवंटियों को दंड ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज से राहत दी जा रही है। इसका मतलब यह है कि लोग अपने मूल बकाया को जमा करके अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बच सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजना उन लोगों के लिए बेहद राहतकारी साबित होती है, जो आर्थिक कारणों से समय पर भुगतान नहीं कर पाए थे और अब भारी ब्याज के कारण बकाया चुकाने में असमर्थ हो रहे थे।