
BJYM Chief Rohit Mishra Roadshow: भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा द्वारा रविवार को लखनऊ स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय में पदभार ग्रहण से पहले निकाले गए रोड शो ने राजधानी की यातायात व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। भाजपा प्रदेश कार्यालय तक निकाले गए करीब 3 किलोमीटर लंबे शक्ति प्रदर्शन के कारण शहर के सबसे व्यस्त चौराहों में शामिल 1090 चौराहे पर लगभग एक घंटे तक भीषण जाम लगा रहा। कड़ी धूप और उमस के बीच आम नागरिक, स्कूली बच्चे, नौकरीपेशा लोग, मरीजों को लेकर जा रहे परिजन और अन्य वाहन चालक लंबे समय तक जाम में फंसे रहे।
रविवार होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग शहर के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजर रहे थे। लेकिन दोपहर के समय अचानक बढ़ी भीड़ और वाहनों के दबाव के कारण यातायात पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। लोगों ने सोशल मीडिया पर भी तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि आखिर आम जनता को इस तरह की परेशानी कब तक झेलनी पड़ेगी और देश से वीआईपी संस्कृति कब समाप्त होगी।
कार्यक्रम के तहत दोपहर में 1090 चौराहे पर हजारों भाजपा कार्यकर्ता एकत्र हुए। बड़ी संख्या में चार पहिया वाहनों, समर्थकों और स्वागत की तैयारियों के चलते चौराहा पूरी तरह भर गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर लगभग 12:15 बजे से यातायात का दबाव तेजी से बढ़ना शुरू हुआ और देखते ही देखते सभी दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
करीब एक घंटे तक चौराहे पर सामान्य यातायात लगभग ठप रहा। इस दौरान कई लोग धूप में अपने वाहनों में बैठे रहे, जबकि दोपहिया वाहन चालक वैकल्पिक रास्ते तलाशते नजर आए। हालांकि अधिकांश मार्गों पर भी जाम का असर देखने को मिला।
जाम की सबसे बड़ी वजह यह रही कि कार्यक्रम से पहले ट्रैफिक पुलिस की ओर से किसी व्यापक डायवर्जन योजना की सार्वजनिक जानकारी सामने नहीं आई। अचानक बढ़ी भीड़ के कारण पुलिसकर्मियों को मौके पर ही यातायात नियंत्रित करने का प्रयास करना पड़ा। यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पहले से प्रभावी डायवर्जन योजना लागू की जाती और आम लोगों को इसकी जानकारी दी जाती, तो जाम की स्थिति काफी हद तक टाली जा सकती थी। कई वाहन चालकों ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान ट्रैफिक प्रबंधन और सूचना व्यवस्था को और बेहतर बनाने की आवश्यकता है।
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्रा का काफिला लगभग 50 चार पहिया वाहनों के साथ 1090 चौराहे से भाजपा प्रदेश कार्यालय की ओर रवाना हुआ। पूरे मार्ग में कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और जगह-जगह स्वागत किया। सड़क के दोनों ओर समर्थकों की भीड़ दिखाई दी, जिससे रोड शो पूरी तरह शक्ति प्रदर्शन में बदल गया। कार्यकर्ताओं में नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। जगह-जगह फूल बरसाए गए और पार्टी के झंडों के साथ स्वागत किया गया। पूरे मार्ग पर राजनीतिक माहौल बना रहा।
दोपहर करीब एक बजे रोहित मिश्रा 1090 चौराहे पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वागत के दौरान क्रेन की सहायता से उन्हें विशाल फूलों की माला पहनाई गई। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। स्वागत समारोह के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए और नए प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन में उत्साह व्यक्त किया। कार्यक्रम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल होने लगे।
स्वागत कार्यक्रम के दौरान रोहित मिश्रा दोनों हाथों में तलवार उठाए हुए भी दिखाई दिए। इस दौरान मंच के आसपास मौजूद समर्थकों ने उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का यह दृश्य भी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से साझा किया गया और चर्चा का विषय बना रहा।
रोहित मिश्रा को लगभग 16 दिन पहले भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। इससे पहले वे भाजयुमो में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे थे। उनकी नियुक्ति को युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने की दिशा में संगठन का महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
प्रतापगढ़ निवासी रोहित मिश्रा लंबे समय से छात्र राजनीति और संगठनात्मक कार्यों से जुड़े रहे हैं। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के सक्रिय कार्यकर्ता रहे हैं। वर्ष 2016 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद वर्ष 2017-18 में उन्होंने एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री के रूप में भी कार्य किया। संगठन में लंबे अनुभव के आधार पर उन्हें अब प्रदेश स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रोड शो के कारण लगे जाम के बाद आम लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली। कई लोगों ने कहा कि राजनीतिक दलों के कार्यक्रम लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन उनकी वजह से आम नागरिकों को घंटों परेशानी नहीं होनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी लोगों ने सवाल उठाए कि यदि किसी बड़े कार्यक्रम के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होना तय था, तो पहले से वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई। कई लोगों ने वीआईपी मूवमेंट और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के दौरान आम जनता को होने वाली असुविधा पर चिंता जताई।
1090 चौराहे पर लगे जाम के बाद राजधानी में ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि राजनीतिक, धार्मिक या सामाजिक आयोजनों के दौरान पुलिस, प्रशासन और आयोजकों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है, ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो।
लखनऊ जैसे तेजी से बढ़ते शहर में यातायात पहले से ही चुनौती बना हुआ है। ऐसे में यदि बड़े कार्यक्रमों के लिए पूर्व नियोजित ट्रैफिक प्लान, वैकल्पिक मार्ग और समय रहते सार्वजनिक सूचना जारी की जाए, तो जाम की स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।