
लखनऊ. कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता जा रहा है। ऐसे में सावधानी बरतते हुए शुक्रवार को रोजेदारों ने अलविदा की नमाज मस्जिद में न पढ़ कर अपने घरों में अदा की। इस दौरान राजधानी लखनऊ में नमाज को लेकर प्रशासन अलर्ट रहा। हर चौराहों पर पुलिस बल तैनात रहा। प्रदेश के दूसरे जिलों में भी सतर्कता बनी रही।
लखनऊ स्थित ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली और मौलाना कल्बे जवाद ने लोगों से घरों में नमाज पढ़ने की अपील की। उन्होंने मस्जिद में रहने वाले रोजेदारों के साथ शारीरिक दूरी का पालन करते हुए अलविदा की नमाज अदा की। ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद और बड़े इमामबाड़ा स्थित आसिफी मस्जिद में भी मस्जिद में रहने वालों ने भी शारीरिक दूरी बनाकर नमाज पढ़ी। शहर-ए-काजी मौलाना मुफ्ती इरफान मियां फरंगी महली ने भी घरों में इबादत और ईद पर नमाज अदा करने और मोबाइल फोन पर चांद का दीदार करने की सूचना लेने की अपील की है।
23 मई को देखा जाएगा ईद का चांद
ईद-उल-मुबारक का चांद शनिवार 23 मई को देखा जाएगा। मरकजी शिया चांद कमेटियों के मौलाना चांद निकलने का एलान करेंगे। मौलानाओं ने सभी से घरों मे रहकर चांद देखने की अपील की है। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा है कि ईद का चांद निकलने के बाद ही ईद का ऐलान किया जाएगा। इसी तरह ऑल इंडिया मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलना सैयद सैफ अब्बास नकवी ने भी शनिवार को चांद देखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि इफ्तारी के बाद देखा जएगा। वहीं सुन्नी मौलाना हाफिज शकील निजामी ने बताया कि रमजान को दस दिनों के तीन हिस्सों में बांटा गया है। अब तीसरा अशरा चल रहा है, ये निजात का अशरा है। अल्लाह के बंदे निजात की दुआ करते हैं। इस महीने में नफिल का सवाब फर्ज के बराबर और फर्ज का सवाब 70 गुना है।