
शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी विहार में गूंजा योग का संदेश, प्रकृति से जुड़ने का मिला अवसर (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
UP Tourism Blends Yoga and Eco-Tourism with Wellness Tour at Bird Sanctuary: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इस वर्ष योग, प्रकृति और पर्यटन को एक नई दिशा देने की अनूठी पहल की। उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) द्वारा 'विजिट माई स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान के तहत शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी विहार के लिए विशेष एकदिवसीय वेलनेस एंड नेचर टूर का आयोजन किया गया। योग दिवस 2026 की थीम 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' को केंद्र में रखकर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को स्वास्थ्य, प्रकृति और आध्यात्मिक अनुभव का अद्वितीय संगम प्रदान किया।
इस विशेष भ्रमण में विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, परिवारों, चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े पेशेवरों सहित लगभग 40 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल योगाभ्यास तक सीमित नहीं था, बल्कि लोगों को उत्तर प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर, जैव विविधता और अनुभवात्मक पर्यटन से जोड़ना भी था।
इस विशेष वेलनेस टूर की शुरुआत लखनऊ स्थित होटल गोमती से हुई। सुबह-सुबह प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रतिभागियों के लिए स्वास्थ्यवर्धक नाश्ते और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही गीत-संगीत, परिचय सत्र और आपसी संवाद के माध्यम से पूरे वातावरण को उत्साहपूर्ण बनाया गया।प्रतिभागियों ने इस यात्रा को एक अलग और सकारात्मक अनुभव बताते हुए कहा कि पर्यटन के साथ स्वास्थ्य और प्रकृति को जोड़ने की यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय है।
शहीद चंद्रशेखर आजाद पक्षी विहार पहुंचने के बाद प्रतिभागियों ने प्राकृतिक वातावरण के बीच योगाभ्यास किया। चारों ओर हरियाली, झीलों की शांति और पक्षियों की मधुर आवाजों के बीच योग करना सभी के लिए यादगार अनुभव बन गया।
योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने ताड़ासन, भुजंगासन, प्राणायाम और ध्यान सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया। इस दौरान अधिकारियों ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और स्वस्थ जीवन की वैज्ञानिक पद्धति है। विशेष रूप से 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' की थीम के अनुरूप वरिष्ठ नागरिकों को ऐसे योग अभ्यास कराए गए, जो उन्हें सक्रिय, स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन जीने में सहायक हो सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में 'विजिट माई स्टेट उत्तर प्रदेश' अभियान प्रदेश के लोगों को उत्तर प्रदेश के विविध पर्यटन स्थलों और अनुभवों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह पहल केवल पर्यटन को बढ़ावा देने का माध्यम नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक जागरूकता का भी एक सशक्त मंच है। योग, ईको-टूरिज्म और प्रकृति आधारित शिक्षण को एक साथ जोड़कर पर्यटन विभाग एक नई कार्य संस्कृति विकसित कर रहा है। जयवीर सिंह ने कहा कि 'योगा फॉर हेल्दी एजिंग' की भावना को व्यवहार में उतारने का यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिससे सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य और प्रकृति के प्रति सकारात्मक संदेश मिला है।
योग सत्र के बाद प्रतिभागियों ने शहीद चंद्रशेखर आज़ाद पक्षी विहार की मनोरम झीलों और प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन किया। इस दौरान उन्हें विभिन्न स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को करीब से देखने और उनकी गतिविधियों को समझने का अवसर मिला।
यूपीएसटीडीसी के प्रबंधक मनोज वर्मा ने बताया कि यह पक्षी विहार प्रवासी पक्षियों का एक महत्वपूर्ण आवास स्थल है। यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में विभिन्न देशों और राज्यों से पक्षी आते हैं, जो इस क्षेत्र की जैव विविधता को और समृद्ध बनाते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय मान्यताओं के अनुसार माता सीता को बिठूर में छोड़ने के बाद भगवान लक्ष्मण ने इस क्षेत्र में विश्राम किया था। इस प्रकार यह स्थान केवल प्राकृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की दृष्टि से भी बेहद खास है।
इस भ्रमण का सबसे अधिक लाभ विद्यार्थियों को मिला। उन्हें प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण, पक्षी विज्ञान और पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में प्रत्यक्ष रूप से जानने और समझने का अवसर प्राप्त हुआ। विद्यार्थियों को बताया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। जैव विविधता का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। विद्यार्थियों ने पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के बारे में जानकारी प्राप्त की और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के महत्व को भी समझा।
उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष अमृत अभिजात ने कहा कि इस प्रकार की पहलें अनुभवात्मक पर्यटन को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। आज के समय में पर्यटक केवल घूमना नहीं चाहते, बल्कि वे किसी स्थान की संस्कृति, प्रकृति और विशेषताओं को महसूस करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वेलनेस, पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को एक साथ जोड़कर ऐसे यात्रा अनुभव तैयार किए जा रहे हैं, जो लोगों को उत्तर प्रदेश की समृद्ध प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हैं।
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की यह पहल सतत और अनुभव आधारित पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। योग दिवस के अवसर पर आयोजित यह वेलनेस एंड नेचर टूर इस बात का प्रमाण है कि पर्यटन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यावरण जागरूकता का सशक्त साधन भी बन सकता है।
Updated on:
21 Jun 2026 03:10 pm
Published on:
21 Jun 2026 03:10 pm
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