
योग दिवस पर लखनऊ रेजीडेंसी बना योग का महाकुंभ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिया बड़ा संदेश (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
Deputy CM Brajesh Pathak Leads Mass Yoga Session at Lucknow: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को राजधानीलखनऊ का ऐतिहासिक रेजीडेंसी परिसर योगमय हो उठा। सुबह की पहली किरण के साथ ही रेजीडेंसी में सैकड़ों लोग एकत्रित हुए और सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ और निरोग जीवन का संकल्प लिया। इस विशेष अवसर पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी लोगों के साथ योग किया और योग को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताते हुए इसे जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी सहित जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, छात्र-छात्राएं, युवा और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। ऐतिहासिक धरोहर रेजिडेंसी परिसर में एक साथ योग करते लोगों का दृश्य आकर्षण का केंद्र बना रहा।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रेजिडेंसी परिसर में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना और योगाभ्यास से हुई। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में लोगों ने ताड़ासन, वज्रासन, भुजंगासन, प्राणायाम और ध्यान सहित विभिन्न योग क्रियाओं का अभ्यास किया। पूरे परिसर में सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे नागरिकों ने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आत्मिक संतुलन का भी आधार है। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया।
सामूहिक योग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारतीय संस्कृति का परचम पूरे विश्व में बुलंद हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्राचीन परंपराओं को वैश्विक पहचान मिली है और योग इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीके अथक प्रयासों के कारण संयुक्त राष्ट्र ने 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दी और आज दुनिया के अनेक देशों में करोड़ों लोग योग कर रहे हैं। यह भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक स्वीकृति का प्रतीक है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति है। वर्तमान समय में तनावपूर्ण जीवन शैली, अनियमित खानपान और बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान बनकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से संतुलित रहता है। योग शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और अनेक बीमारियों से बचाव में मदद करता है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग हर व्यक्ति की आवश्यकता बन गया है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि योग हमें मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखता है। तनाव, अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए योग किसी औषधि से कम नहीं है। योग से न केवल शरीर मजबूत होता है, बल्कि मन को भी शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय योग को दे, तो वह स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकता है। योग व्यक्ति के भीतर अनुशासन, धैर्य और सकारात्मक सोच का विकास करता है, जो जीवन की चुनौतियों से निपटने में सहायक होता है।
इस अवसर पर लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी ने भी योग कार्यक्रम में भाग लिया और उपस्थित लोगों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने कहा कि योग स्वस्थ समाज के निर्माण की आधारशिला है और इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और नागरिकों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में युवाओं और महिलाओं की सहभागिता ने कार्यक्रम को और अधिक आकर्षक बना दिया।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने प्रदेशवासियों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वस्थ और निरोग जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की ऐसी अमूल्य धरोहर है, जिसे पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को नई पहचान मिली है और योग इसके केंद्र में है। योग केवल व्यक्ति को स्वस्थ नहीं बनाता, बल्कि समाज और राष्ट्र को भी सशक्त करता है।
रेजीडेंसी परिसर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ, समृद्ध और सशक्त भारत के निर्माण का आधार है। सैकड़ों लोगों की सहभागिता ने यह साबित कर दिया कि योग के प्रति लोगों की जागरूकता लगातार बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर लखनऊ की ऐतिहासिक रेजीडेंसी से दिया गया यह संदेश पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायी रहा कि यदि योग को जीवन का हिस्सा बनाया जाए तो स्वस्थ, निरोग और विकसित भारत का सपना निश्चित रूप से साकार हो सकता है।
Updated on:
21 Jun 2026 10:09 am
Published on:
21 Jun 2026 10:09 am
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