work from home - सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में अब 50 फीसदी मानव संसाधन क्षमता के साथ होगा काम- आला अधिकारियों को कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग, कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का आदेश
लखनऊ.यूपी में कोरोनावायरस (coronavirus) के बढ़ते केसों को देखकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi big orders) ने लखनऊ, प्रयागराज (Prayagraj), वाराणसी (Varanasi) और कानपुर नगर (Kanpur Nagar) में सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में सुविधानुसार 'वर्क फ्रॉम होम' (work from home) की अनुमति दे दी है। ऐसा करने के पीछे सिर्फ एक बड़ा कारण यह है कि कोरोनावायरस संक्रमण का प्रसार जिस तेजी से हो रहा है, उस पर लगाम लगाई जा सके।
यूपी में 9,695 नए कोरानावायरस मरीज :- कोरोना संक्रमण की ताजा रिपोर्ट ने यूपी की जनता और सरकार की चिंता को और बढ़ा दिया है। उत्तर प्रदेश के नौ जिलों में गुरुवार को नाइट कर्फ्यू लागू होने के बाद भी कोरोना वायरस के नए संक्रमण की गति और बढ़ गई है। बीते 24 घंटे में 9,695 नए कोरानावायरस संक्रमित मिले हैं। यह नया आंकड़ा अब तक के सर्वाधिक संक्रमित मिलने का रिकॉर्ड है। प्रदेश में शुक्रवार को भी 36 कोरोना संक्रमित लोगों ने दम तोड़ा है। इस वक्त यूपी में एक्टिव केस की कुल संख्या 48306 हो गई है। राजधानी लखनऊ के हालात और खराब होते जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में लखनऊ में 2934 नए केस आए हैं। जिनमें से 14 लोगों की मौत हो गई है।
कोविड प्रोटोकॉल का पूरा अनुपालन जरूरी : सीएम
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रसार को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर नगर में सभी सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में 50 फीसदी मानव संसाधन की क्षमता के साथ काम किए जाने का आदेश दिया। उन्होंने आला अधिकारियों को आदेश दिए हैं कि कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग सहित कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी इस बात को सुनिश्चित करें कि प्रदेश के सभी कार्यालयों में सोशल डिस्टेंसिंग सहित कोविड प्रोटोकॉल का पूरा अनुपालन किया जाए।
राज्यपाल की मौजूदगी में विशेष संवाद कार्यक्रम :- कोरोना के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए नई रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से राज्यपाल की मौजूदगी में तीन दिवसीय संवाद का विशेष कार्यक्रम की शुरूआत की जाएगी। जिसके तहत 11 अप्रैल को राजनीतिक दलों से संवाद का कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस बैठक में राजनीतिक दलों के अध्यक्ष, विधानमंडल के दोनों सदनों के सभी पार्टियों के प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे। 12 अप्रैल को सभी महापौरों, पार्षदों, चेयरमैन सहित स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद का विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा वहीं 13 अप्रैल को धर्मगुरुओं के साथ विमर्श होगा।