Lucknow Division Heat Wave: लखनऊ मंडल समेत उत्तर भारत में गर्मी तेजी से बढ़ेगी, वहीं कई राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट, 15 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ से मौसम बदलेगा।
Lucknow Division Weather Alert: देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और आने वाले दिनों में यह बदलाव और ज्यादा तेज होने वाला है। एक तरफ जहां उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी की शुरुआत होने जा रही है, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई राज्यों में आंधी-तूफान, बारिश और बिजली गिरने का खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग (आईएमडी) और विशेषज्ञों की मानें तो 15 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो मौसम के इस बड़े बदलाव को और प्रभावित करेगा।
मौसम विभाग के अनुसार, 10 अप्रैल से ही उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान में अचानक 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़कर 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है।
इसका सीधा मतलब है कि अप्रैल के मध्य में ही जून जैसी भीषण गर्मी का एहसास होने लगेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बढ़ता तापमान आने वाले दिनों में हीटवेव का रूप भी ले सकता है। ऐसे में लोगों को अभी से सतर्क रहने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, 15 अप्रैल तक प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में लगातार वृद्धि जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहले तक प्रदेश में गर्मी का असर और तेज होगा। इसके चलते दिन के समय लू जैसे हालात बन सकते हैं और लोगों को चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ेगा।
सिर्फ मैदानी इलाकों में ही नहीं, बल्कि पहाड़ी राज्यों में भी गर्मी का असर देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तापमान में 6 से 8 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। जहां पहले ठंडक और बर्फबारी का असर था, अब वहां भी धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगेगी। इससे पर्यटन स्थलों पर भी मौसम का असर देखने को मिलेगा।
पूर्वी भारत के राज्यों,बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि का अनुमान है। वहीं मध्य भारत के राज्यों में 4 से 6 डिग्री तक तापमान बढ़ सकता है। इसका असर खेती और दैनिक जीवन दोनों पर पड़ सकता है। किसानों को भी बदलते मौसम के अनुसार अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना होगा।
गुजरात और महाराष्ट्र में भी तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है। गुजरात में 12 अप्रैल तक तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है, जबकि महाराष्ट्र में 10 से 13 अप्रैल के बीच 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होगी। तटीय राज्यों,जैसे कोंकण, गोवा, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में लोगों को उमस भरी चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा। यहां तापमान के साथ नमी भी अधिक रहेगी, जिससे परेशानी और बढ़ सकती है।
जहां एक ओर देश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा, वहीं पूर्वोत्तर भारत में मौसम का रौद्र रूप देखने को मिलेगा। आईएमडी ने अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। कई जगहों पर भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।
पूर्वी भारत के राज्यों ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मौसम खराब रहने की संभावना है। यहां आंधी-तूफान के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, इन इलाकों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश होगी, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम शांत नहीं रहेगा। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मौसम के इस बड़े बदलाव के पीछे कई वैज्ञानिक कारण हैं। वर्तमान में देश के विभिन्न हिस्सों,उत्तर प्रदेश, राजस्थान, असम और ओडिशा के ऊपर ‘अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन’ सक्रिय है। इसके अलावा 15 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में प्रवेश करेगा, जिससे मौसम में और अधिक अस्थिरता आएगी। इन सभी कारकों के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग-अलग प्रभाव देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने की सलाह दी है: