लखनऊ

E-Bus Service: लखनऊ में ई-बस सेवा का विस्तार, एयरपोर्ट से इंजीनियरिंग कॉलेज तक सीधी सुविधा शुरू

Expansion of e-bus service: लखनऊ में ई-बस सेवा का विस्तार करते हुए अमौसी एयरपोर्ट से इंजीनियरिंग कॉलेज तक रूट बढ़ाया गया। गर्मी और भीड़ को देखते हुए बसों की संख्या और फेरे भी बढ़ाए गए।

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Apr 18, 2026
लखनऊ में ई-बस रूट बढ़ा (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

E-Bus Service Lucknow: लखनऊ में सार्वजनिक परिवहन को और अधिक सुगम और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहर में ई-बस सेवा के विस्तार के तहत अब अमौसी एयरपोर्ट से निशातगंज तक चलने वाले रूट को बढ़ाकर इंजीनियरिंग कॉलेज तक कर दिया गया है। इस फैसले से शहर के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

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एयरपोर्ट से शहर के अहम हिस्सों तक बेहतर कनेक्टिविटी

चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (अमौसी एयरपोर्ट) से चलने वाली ई-बस सेवा पहले निशातगंज तक सीमित थी, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाकर इंजीनियरिंग कॉलेज तक कर दिया गया है। इससे एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के साथ-साथ छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी। इस रूट विस्तार से शहर के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगी। खासतौर पर उन लोगों के लिए यह राहत भरी खबर है, जिन्हें पहले बीच रास्ते में बस बदलनी पड़ती थी।

गर्मी और भीड़ को देखते हुए बढ़ाए गए फेरे

गर्मी के मौसम और बढ़ती यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस रूट पर बसों के फेरे भी बढ़ा दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुबह और शाम के व्यस्त समय में विशेष रूप से अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी, ताकि यात्रियों को लंबा इंतजार न करना पड़े। ई-बसों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और यात्रियों को आरामदायक सफर उपलब्ध कराना है।

चारबाग और कमता रूट पर भी विस्तार

शहर के अन्य प्रमुख रूटों पर भी ई-बस सेवा का विस्तार किया गया है। चारबाग रेलवे स्टेशन और कमता क्षेत्र के बीच भी अतिरिक्त ई-बसें चलाई जा रही हैं। इन रूटों पर यात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण लंबे समय से बसों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही थी। अब इस निर्णय से रोजाना सफर करने वाले लोगों को राहत मिलेगी।

पर्यावरण के लिए बेहतर विकल्प

ई-बसें न केवल सुविधाजनक हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहतर विकल्प मानी जाती हैं। डीजल बसों की तुलना में ये बसें प्रदूषण कम करती हैं और शोर भी कम पैदा करती हैं। सूत्रों  का मानना है कि ई-बस सेवा का विस्तार शहर में वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

यात्रियों को मिल रही राहत

रूट विस्तार और बसों की संख्या बढ़ने से यात्रियों को काफी राहत मिल रही है। अब उन्हें कम समय में अपने गंतव्य तक पहुंचने में मदद मिल रही है और भीड़भाड़ से भी काफी हद तक निजात मिली है। कई यात्रियों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उनका रोजाना का सफर आसान हो गया है।

स्मार्ट सिटी की दिशा में कदम

लखनऊ को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था शहर के विकास का अहम हिस्सा है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले समय में और भी रूटों पर ई-बस सेवा शुरू की जाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके।

प्रशासन की योजना

अधिकारियों के अनुसार, ई-बस सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है। यात्रियों की जरूरतों के अनुसार रूट और समय-सारिणी में बदलाव किए जा रहे हैं। इसके साथ ही, बस स्टॉप्स पर सुविधाओं को भी बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को हर स्तर पर सुविधा मिल सके।

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