लखनऊ

‘अगर समय से दीवार काट दी जाती तो कई छात्रों की जान बच जाती’, लखनऊ अग्निकांड पर अखिलेश ने UP सरकार को घेरा

Lucknow Coaching Centre Fire: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड (Fire Accident) में 15 लोगों की मौत हो गई है। इस भीषण हादसे पर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव (Samajwadi Party Chief Akhilesh Yadav) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) पर हमला बोला है।
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Jun 24, 2026
Lucknow fire incident
लखनऊ अग्निकांड पर अखिलेश ने यूपी सरकार पर निशाना साधा (फोटो- पत्रिका)

Lucknow Fire Tragedy: लखनऊ अग्निकांड में 15 लोगों की मौत हो गई है। इसमे ज्यादातर स्टूडेंट्स शामिल हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Samajwadi Party President Akhilesh Yadav) ने इस हादसे का जिम्मेदार उत्तर प्रदेश की मौजूदा योगी आदित्यनाथ सरकार को ठहराया है। अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर कई बड़े आरोप लगाए हैं।

अखिलेश ने UP सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

अखिलेश यादव ने कहा कि ये लोग दावा करते हैं कि अमृत काल में हम विकसित भारत बन जाएंगे, लेकिन दीवार तोड़ने के लिए इनके पास मशीनरी नहीं है। ये दीवार तोड़ने के लिए हथौड़ा नहीं चला पा रहे हैं। अगर समय पर दीवार काट दी जाती तो शायद बहुत से बच्चों की जान बच जाती। हर दर्द से बड़ा दुख अपने बच्चों को खोने का होता है। अखिलेश ने आगे कहा- मैंने कई रिपोर्ट्स पढ़ीं, जिनमें दावा किया गया कि ज्यादातर बच्चों की मौत धुएं की वजह से दम घुटने से हुई है।

बिल्डिंग में फंसे बच्चे अपने घर वालों और दोस्तों को फोन कर रहे थे कि हमें बचा लो, लेकिन सरकार सो रही थी। अगर समय रहते कार्रवाई की गई होती तो आज कई घरों के चिराग नहीं बुझते। बता दें कि सोमवार को लखनऊ अग्निकांड के समय रेस्क्यू अभियान के दौरान दमकल विभाग की टीम को दीवार तोड़नी पड़ी थी। अखिलेश यादव ने इसी बात पर सरकार पर निशाना साधा है।

मंगलवार को KGMU में घायलों से मिले थे अखिलेश

लखनऊ अग्निकांड के बाद अखिलेश यादव ने मंगलवार को KGMU पहुंचकर पीड़ितों से मुलाकात की थी। इस दौरान अखिलेश यादव ने सरकार से मांग की थी कि हादसे में जान गंवाने वालों को के परिजनों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि जिन बच्चों की मौत हुई है, वे 21-22 वर्ष की उम्र के थे। वे सभी अपने भविष्य को संवारने के लिए मेहनत कर रहे थे। सरकार के पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है। ऐसे में मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दी जानी चाहिए।