
Lucknow Gold and Silver News: वर्तमान में सोने और चांदी के बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। इस गिरावट के चलते सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए यह समय निवेश का एक सुनहरा अवसर हो सकता है। पिछले कुछ समय से सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट को देखते हुए लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन ने 14 नवंबर 2024 को सोने-चांदी के ताजे भाव जारी किए हैं। लखनऊ के बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव ₹76,800 प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट का ₹73,400, और 18 कैरेट का ₹67,900 प्रति 10 ग्राम है। वहीं, चांदी के ज्वेलरी ग्रेड का रेट ₹90,100 प्रति किलोग्राम पर आ गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण वैश्विक आर्थिक स्थिति में आए बदलाव हैं। डॉलर में मजबूती और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता ने भी सोने-चांदी की कीमतों पर प्रभाव डाला है। इसी के साथ, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में परिवर्तन और वैश्विक महंगाई दर में बढ़ोतरी के चलते निवेशकों की रुचि सोने और चांदी से हटकर अन्य विकल्पों की ओर बढ़ी है। इसका सीधा असर स्थानीय बाजारों पर भी पड़ा है, जिससे भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई है।
लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, विभिन्न कैरेट के अनुसार सोने की कीमतें इस प्रकार हैं:
24 कैरेट सोना (10 ग्राम): ₹76,800
22 कैरेट सोना (10 ग्राम): ₹73,400
18 कैरेट सोना (10 ग्राम): ₹67,900
(GST, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क चार्ज अतिरिक्त)
प्रति किलोग्राम: ₹90,100
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय निवेश के लिए उपयुक्त है क्योंकि सोने और चांदी की कीमतें गिरावट के स्तर पर हैं। वैश्विक बाजार में अस्थिरता के चलते भविष्य में सोने की कीमतों में एक बार फिर उछाल देखने को मिल सकता है। ऐसे में यह गिरावट का दौर खरीदने के लिए सही समय हो सकता है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं।
सोना खरीदते समय उसकी शुद्धता की पहचान करना बेहद जरूरी होता है। निम्नलिखित सुझावों का ध्यान रखकर आप शुद्ध सोने की पहचान कर सकते हैं:
हॉलमार्क प्रमाणन: सोने की शुद्धता का सबसे प्रमुख प्रमाण BIS हॉलमार्क होता है। यह एक सरकारी प्रमाणन है जो सोने की शुद्धता को प्रमाणित करता है। BIS हॉलमार्क के साथ चार प्रमुख प्रतीक होते हैं - BIS का लोगो, कैरेट, परीक्षण केंद्र का मार्क और वर्ष का मार्क।
कैरेट टेस्टिंग: सोने की शुद्धता का मापन कैरेट में किया जाता है। 24 कैरेट सोना सबसे शुद्ध होता है और इसका उपयोग आमतौर पर ज्वेलरी में नहीं किया जाता। 22 कैरेट सोना (91.6% शुद्धता) ज्वेलरी बनाने के लिए उपयुक्त होता है, जबकि 18 कैरेट सोना (75% शुद्धता) फैशन ज्वेलरी में अधिक प्रचलित है। खरीदते समय, कैरेट के अनुसार सोने की शुद्धता की जांच अवश्य करें।
रिटेलर से प्रमाण पत्र लें: हर सोने की खरीदारी पर रिटेलर से एक प्रमाण पत्र प्राप्त करें, जिसमें सोने के वजन, शुद्धता और कीमत का उल्लेख हो। यह प्रमाण पत्र भविष्य में किसी भी विवाद से बचने में सहायक हो सकता है।
वजन की जांच: सोने का सही वजन भी जांचें। ज्वेलरी का वजन और कीमत उसके मेकिंग चार्ज सहित निर्धारित होती है। अतः यह सुनिश्चित करें कि जो वजन बताया गया है, वह सही हो।
पानी टेस्ट और मैग्नेट टेस्ट: सोने की शुद्धता की घरेलू पहचान के लिए, पानी में डुबाने पर शुद्ध सोना डूबता है और नकली सोना तैरता है। इसी तरह सोना मैग्नेट में चिपकता नहीं है, जबकि मिलावट वाला सोना चिपक सकता है।
अभी की गिरावट को देखते हुए विशेषज्ञ मानते हैं कि सोने और चांदी में निवेश करने का यह एक सही समय हो सकता है। भविष्य में वैश्विक बाजार की स्थितियों और भारत में मांग बढ़ने पर सोने की कीमतों में वृद्धि की संभावना है। त्योहारों और शादियों के सीजन में सोने की मांग भी बढ़ जाती है, जो इसकी कीमत में वृद्धि का कारण बन सकती है।
सोने और चांदी के दाम गिरते-चढ़ते रहते हैं, इसलिए खरीदारी करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
बाजार पर नजर रखें: दामों में अचानक परिवर्तन से बचने के लिए बाजार पर नजर बनाए रखें।
केवल मान्यता प्राप्त दुकानों से खरीदारी करें: मान्यता प्राप्त दुकानों से ही सोने-चांदी की खरीदारी करें।
GST और मेकिंग चार्ज पर ध्यान दें: इन अतिरिक्त खर्चों का मूल्यांकन करें और रसीद में सही दर्ज कराएं।
वर्तमान में सोने और चांदी के दामों में जारी गिरावट के दौर में खरीदारी करना एक बेहतर विकल्प हो सकता है। लखनऊ सहित विभिन्न शहरों में सोने के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए यह समय खरीदारी और निवेश के लिए उपयुक्त हो सकता है। सोने की शुद्धता की जांच, हॉलमार्क और कैरेट का ध्यान रखकर खरीदी गई ज्वेलरी आपके निवेश को सुरक्षित बनाएगी। बाजार में अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए, विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में सोने-चांदी की कीमतों में उछाल संभव है, इसलिए इस समय की गई खरीदारी लाभदायक साबित हो सकती है।