लखनऊ

Exhibition: कैसरबाग में दो दिवसीय प्रदर्शनी का आगाज, फिल्म स्क्रीनिंग और पैनल चर्चा आकर्षण का केंद्र

Lucknow Hosts Two-Day Film & Art Exhibition:  लखनऊ में लखनऊ बायोस्कोप द्वारा कैसरबाग स्थित 130 जेसी बोस मार्ग पर दो दिवसीय प्रदर्शनी शुरू हुई, जहां फिल्म स्क्रीनिंग और पैनल चर्चा के जरिए कला और सिनेमा पर संवाद होगा।
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Mar 28, 2026
फिल्म स्क्रीनिंग और पैनल चर्चा के जरिए सिनेमा, संस्कृति और समाज पर होगी सार्थक बातचीत (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)
फिल्म स्क्रीनिंग और पैनल चर्चा के जरिए सिनेमा, संस्कृति और समाज पर होगी सार्थक बातचीत (फोटो सोर्स : भाषा WhatsApp News Group)

Exhibition Lucknow: राजधानी लखनऊ में कला और सिनेमा प्रेमियों के लिए एक खास आयोजन की शुरुआत हुई है। लखनऊ बायोस्कोप की ओर से कैसरबाग स्थित 130 जेसी बोस मार्ग पर दो दिवसीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। इस आयोजन में फिल्म स्क्रीनिंग और पैनल चर्चा का विशेष आयोजन किया गया है, जो प्रतिदिन शाम 5 बजे से शुरू होगा।

कला और सिनेमा का संगम

इस दो दिवसीय प्रदर्शनी का उद्देश्य सिनेमा और कला के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को उजागर करना है। आयोजन में न केवल फिल्म प्रेमी, बल्कि कलाकार, लेखक, विद्यार्थी और आम नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं। प्रदर्शनी स्थल पर विभिन्न विषयों पर आधारित फिल्मों की स्क्रीनिंग की जा रही है, जिनमें सामाजिक मुद्दों, सांस्कृतिक विविधता और मानवीय संवेदनाओं को प्रमुखता से दर्शाया गया है। यह आयोजन दर्शकों को सिनेमा के माध्यम से सोचने और समझने का एक नया नजरिया प्रदान कर रहा है।

पैनल चर्चा में भागीदारी

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पैनल चर्चा है, जिसमें सिनेमा और कला जगत से जुड़े विशेषज्ञ अपने विचार साझा कर रहे हैं। इन चर्चाओं में फिल्मों की विषयवस्तु, निर्देशन, सामाजिक प्रभाव और बदलते सिनेमा के स्वरूप पर विस्तार से बातचीत की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज का आईना भी है। पैनल चर्चा के दौरान दर्शकों को भी अपने सवाल पूछने और विचार साझा करने का अवसर दिया जा रहा है, जिससे यह आयोजन और अधिक संवादात्मक बन गया है।

प्रदर्शनी में विविधता की झलक

प्रदर्शनी में विभिन्न प्रकार की कलात्मक प्रस्तुतियां देखने को मिल रही हैं। इसमें फोटोग्राफी, पोस्टर आर्ट, शॉर्ट फिल्म और डॉक्यूमेंट्री शामिल हैं। हर एक प्रस्तुति अपने आप में एक कहानी बयां करती है और दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। विशेष रूप से युवा कलाकारों को इस मंच के जरिए अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। इससे न केवल उनकी रचनात्मकता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि उन्हें एक पहचान भी मिल रही है।

युवाओं में खास उत्साह

इस आयोजन को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में छात्र और युवा इस प्रदर्शनी में भाग ले रहे हैं और सिनेमा व कला के प्रति अपनी रुचि को और गहरा कर रहे हैं। छात्र अभय ने बताया, “ऐसे आयोजन हमें किताबों से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया को समझने का मौका देते हैं। फिल्मों के जरिए जो संदेश मिलता है, वह काफी प्रभावशाली होता है।”

सांस्कृतिक गतिविधियों को मिल रहा बढ़ावा

लखनऊ अपनी सांस्कृतिक विरासत और कलात्मक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। इस तरह के आयोजन शहर की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करते हैं। लखनऊ बायोस्कोप की यह पहल न केवल कला और सिनेमा को बढ़ावा दे रही है, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का भी काम कर रही है।

आयोजन का समय और महत्व

दो दिवसीय इस कार्यक्रम में प्रतिदिन शाम 5 बजे से फिल्म स्क्रीनिंग और पैनल चर्चा का आयोजन किया जा रहा है। आयोजकों का कहना है कि उन्होंने समय का चयन इस तरह किया है ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें शामिल हो सकें। यह आयोजन उन लोगों के लिए खास है, जो सिनेमा को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक विचार और अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में देखते हैं।

Updated on:
28 Mar 2026 09:28 am
Published on:
28 Mar 2026 09:28 am
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