इंदिरा डैम की मरम्मत के लिये मुंबई से बुलाये गये विशेषज्ञ...
लखनऊ. राजधानी के इंदिरा डैम में दरार के बाद 16 जिलों का पानी रोका दिया गया है। पांच दिन पहले दरार से शुरू हुआ पानी का रिसाव अभी भी जारी है। अब तक लाखों गैलन पानी बह चुका है। सिंचाई विभाग के अधिकारी सैकड़ों मजदूरों के साथ डैम में दरार की मरम्मत कर रहे हैं, लेकिन पानी का रिसाव बंद नहीं हो सका है। डैम की मरम्मत के लिये अब मुंबई से विशेषज्ञ इंजीनियर बुलाये गये हैं।
गोमती नदी पर बने इन्दिरा जल सेतु में मरम्मत कार्य के चलते शारदा नहर से ही पानी की सप्लाई रोक दी गई है। इससे कठौता और भरवारा झील में पानी की कमी आ सकती है। शारदानगर से निकलने वाली इन्दिरा नहर से प्रदेश के 16 जिलों तक पानी पहुंचाया जाता है, जिसे रोक दिया गया है। लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, वाराणसी और जौनपुर जिले में पानी की सप्लाई बिल्कुल बंद कर दी गई है। इसके अलावा शारदा सहायक नदी में जो पानी आ भी रहा है, उसे दरियाबाद से बाराबंकी की तरफ मोड़ दिया गया है। इससे लखनऊ समेत कई जिलों में पानी की किल्लत आ सकती है। डैम की मरम्मत होने के दौरान राजधानी के गोमतीनगर और इंदिरानगर में पानी की दिक्कत बढ़ सकती है।
इंदिरा में नहर में पुल बनाने की तैयारी
इंदिरा डैम में पानी के रिसाव को रोकने के लिए लखीमपुर की शारदा नहर के पानी को इंदिरा नहर में आने से रोक दिया गया है, वाबजूद इसके इन्दिरा नहर में अभी भी करीब तीन मीटर तक पानी भरा हुई है, जिसके चलते डैम की दरार में मरम्मत का काम बाधित हो रहा है। डैम पर काम कर रहे ठेकेदार ने बताया कि इंदिरा नहर में जियो ट्यूब के जरिये बालू का एक बांध बनाने की तैयारी शुरू हो गई है, ताकि बांध तक पानी आने से रोका जा सके।
पांच दिन तक नहीं लगी किसी को खबर
पांच दिन पहले इंदिरा डैम में दरार की खबर मिलते ही सिंचाई विभाग में हड़कंप मच गया था। गोताखोरों की मदद से डैम में आई दरार का पता चला तो सिंचाई विभाग ने आनन-फानन डैम में मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया। लेकिन अधिकारियों ने इसे दबाये रखा और किसी को कानों-कान खबर नहीं होने दी।
पानी की किल्लत से जूझेंगे ये शहर
लखीमपुर, सीतापुर, लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़, इलाहाबाद, वाराणसी, जौनपुर, बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, टांडा, आजमगढ़, सुलतानपुर और अमेठी।