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लखनऊ से सऊदी जा रही फ्लाइट में मचा हड़कंप: केबिन प्रेशर फेल होते ही 275 यात्रियों की सांसें अटकीं, कराई गई इमरजेंसी लैंडिंग

Lucknow News: लखनऊ से जेद्दा जा रही सऊदी अरबिया एयरलाइंस की फ्लाइट में केबिन प्रेशर की तकनीकी खराबी के बाद इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार 275 यात्रियों को सुरक्षित रखा गया और इंजीनियरों की टीम एयरपोर्ट पर खराबी दूर करने में जुटी है।

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Jan 30, 2026
लखनऊ से सऊदी जा रही फ्लाइट में मचा हड़कंप..

Lucknow Jeddah flight emergency landing news: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सऊदी अरब के जेद्दा जा रही सऊदी अरबिया एयरलाइंस की फ्लाइट SV-891 में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब उड़ान के कुछ ही देर बाद विमान में तकनीकी खराबी सामने आ गई।

विमान में कुल 275 यात्री, 4 पायलट और 6 क्रू मेंबर सवार थे। निर्धारित समय 12:05 बजे था, लेकिन फ्लाइट 12:23 बजे उड़ान भर सकी। जैसे ही विमान ऊंचाई पर पहुंचा, यात्रियों ने केबिन में असहजता और सांस लेने में परेशानी महसूस की, जिसके बाद क्रू ने तुरंत पायलट को स्थिति की जानकारी दी।

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मुंबई से नहीं मिली लैंडिंग की अनुमति

सूत्रों के मुताबिक, विमान जब मुंबई के हवाई क्षेत्र के पास पहुंचा, तब केबिन प्रेशर सिस्टम में गड़बड़ी की पुष्टि हुई। हालात की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने मुंबई एयरपोर्ट से आपात लैंडिंग की अनुमति मांगी, लेकिन वहां से परमिशन नहीं मिल पाई। इसके बाद पायलट ने तुरंत लखनऊ एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और इमरजेंसी लैंडिंग की मांग रखी, जिसे मंजूरी दे दी गई।

82 मिनट बाद सुरक्षित लैंडिंग, राहत की सांस

अनुमति मिलते ही विमान ने दिशा बदली और करीब 82 मिनट के भीतर सुरक्षित रूप से लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंड कर गया। जैसे ही विमान रनवे पर उतरा, यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ ने राहत की सांस ली। फिलहाल विमान को एयरपोर्ट पर खड़ा कर दिया गया है और सभी यात्रियों को सुरक्षा के लिहाज से सीट पर ही बैठाए रखा गया है। इंजीनियरों की टीम तकनीकी खराबी की जांच और मरम्मत में जुटी हुई है।

क्या होता है केबिन प्रेशर, क्यों है यह जरूरी

विमान में केबिन प्रेशर एक कृत्रिम वायु दबाव प्रणाली होती है, जो उड़ान के दौरान यात्रियों को सामान्य माहौल जैसा महसूस कराती है। जब विमान 30,000 से 40,000 फीट की ऊंचाई पर होता है, तब बाहर की हवा बहुत पतली हो जाती है। ऐसे में केबिन प्रेशर सिस्टम अंदर 6,000 से 8,000 फीट की ऊंचाई के बराबर वायु दबाव बनाए रखता है, ताकि यात्रियों को सांस लेने में कोई दिक्कत न हो और शरीर पर दबाव का असर न पड़े।

पहले भी इसी एयरलाइंस के विमान में दिखी थी खराबी

गौरतलब है कि 15 जुलाई 2025 को भी सऊदी अरबिया एयरलाइंस का एक विमान लखनऊ एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान तकनीकी खराबी का शिकार हुआ था। उस समय फ्लाइट SV-3112 के पहियों से चिंगारी और धुआं निकलने लगा था। विमान में 242 हज यात्री सवार थे। पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को तुरंत रोक दिया और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचना दी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

हाइड्रोलिक सिस्टम में लीकेज बनी थी वजह

सूत्रों के अनुसार, उस घटना के दौरान विमान के बाएं पहिए में हाइड्रोलिक सिस्टम के अचानक लीकेज की वजह से खराबी आई थी। तेज धुएं और चिंगारी के कारण रनवे पर कुछ देर के लिए हड़कंप जैसी स्थिति बन गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसी खराबी टेकऑफ के समय हो जाती, तो गंभीर हादसा हो सकता था। इस बार भी यात्रियों की सुरक्षा के लिए पायलट और तकनीकी टीम की तत्परता ने स्थिति को संभाल लिया।

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