लखनऊ-कानपुर आना जाना अब आसान हो जाएगा। 40 मिनट की दूरी बचेगी। इसके लिए कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का ऑर्डर हो गया है।
कानपुर-लखनऊ आने जाने वाले लोगों के लिए राहतभरी खबर है। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस वे का वर्कऑर्डर कर दिया गया है। अब निर्माण एजेंसी जुलाई या उसके बाद निर्माण कार्य शुरू कर देगी। कंपनी को 30 महीने में काम पूरा करना होगा। पहले तीन साल का लक्ष्य दिया गया था। इसके साथ ही रामादेवी में एलीवेटेड रोड के साथ जाजमऊ पुल से लखनऊ तक हाईवे मेंटीनेंस और विस्तार एनएचएआई लखनऊ रीजन को देखना होगा। पहले कानपुर रीजन के पास यह जिम्मा था।
प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर एक्सप्रेस-वे के निर्माण का ठेका एनएचएआई ने कम रेट पर पीएनसी इंफ्राटेक को दिया है। इसके लिए 46 सौ करोड़ का प्रावधान किया गया है। 62 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेस-वे छह लेन का तो स्क्ट्रक्चर आठ लेन का होगा। एक्सप्रेस वे को जाजमऊ से नया सरफेस मिलेगा। इसके बनने से फर्राटा भरते हुए कानपुर से लखनऊ पहुंच जाएंगे और जाम से भी निजात मिल जाएगी।
तीन बड़े तो 28 छोटे पुले जोड़ेंगे
कानपुर से लखनऊ के बनी तक एक्सप्रेस-वे रहेगा। इसके बाद बनी से सरोजनीनगर तक 18 किलोमीटर एलीवेटेड होगा। इसमें 38 अंडरपास, तीन बड़े तो 28 छोटे पुल बनाए जाएंगे। 22 अंडरपास पैदल चलने वालों के लिए बनाए जाएंगे। एक टोल प्लाजा होगा, दोनों तरफ एमिनिटी सेंटर होंगे। 100 से ऊपर रफ्तार में 40 मिनट में लखनऊ पहुंच जाएंगे।
जुलाई से शुरू हो जाएगा काम
एनएचआई प्रोजेक्ट डॉयरेक्टर एनएन गिरि के अनुसार कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस वे का वर्कऑर्डर हो गया है। निर्माण एजेंसी को जुलाई या उसके बाद निर्माण को शुरू कर देना होगा। ढाई साल में पूरा करना होगा। जमीन का अधिग्रहण 80 फीसदी से ज्यादा हो गया है।