Lucknow Metro : राजस्थान के पत्रकारों के दल ने गुरुवार को यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन के उपक्रम लखनऊ मेट्रो का संचालन और उसके डिपो की कार्यप्रणाली को देखा।
लखनऊ : बढ़ती जरूरतों और पर्यावरणीय चुनौतियों के बीच सात साल पहले शुरू हुई लखनऊ मेट्रो बिजली बचत और ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में एक मॉडल बनकर उभर रही है। आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल कर यह मेट्रो न केवल ऊर्जा की खपत कम कर रही है बल्कि खुद बिजली पैदा कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है।
राजस्थान के पत्रकारों के दल ने गुरुवार को यूपी मेट्रो रेल कारपोरेशन के उपक्रम लखनऊ मेट्रो का संचालन और उसके डिपो की कार्यप्रणाली को देखा। लखनऊ मेट्रो की सबसे बड़ी खासियत रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम है। इस तकनीक के तहत ट्रेन जब ब्रेक लगाती है तो ऊर्जा नष्ट नहीं होती बल्कि वापस बिजली के रूप में पैदा होती है।
कारपोरेशन के संयुक्त महाप्रबंधक [ऑपरेशन] सुदीप सिंह [ऑपरेशन] और पंचानन मिश्रा [जनसम्पर्क] ने पत्रकारों को बताया कि मेट्रो संचालन में उपयोग होने वाली कुल ऊर्जा का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा इसी प्रक्रिया से वापस हासिल हो जाता है। यदि 1000 यूनिट बिजली खर्च होती है तो करीब 400 यूनिट दोबारा सिस्टम में लौट आती है। यही तकनीक लिफ्टों में भी उपयोग की जा रही है, जिससे ऊर्जा दक्षता और बढ़ी है।
बिजली बचत के साथ मेट्रो ने सौर ऊर्जा उत्पादन पर भी जोर दिया है। मेट्रो स्टेशनों और कार्यालय भवनों की छतों पर करीब साढ़े तीन हजार मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट लगाए गए हैं। इनसे उत्पन्न बिजली का उपयोग स्टेशनों पर लाइटिंग, एस्केलेटर और अन्य सुविधाओं में किया जा रहा है। पूरे मेट्रो सिस्टम में 100 प्रतिशत एलइडी लाइटिंग की गई है, जिससे बिजली की खपत में काफी कमी आई है। मेट्रो में एचवीएसी आधारित स्मार्ट एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाया गया है, जो तापमान को नियंत्रित रखने के साथ ऊर्जा की बचत भी करता है।
सिंह ने बताया कि कारपोरेशन यूपी में लखनऊ, कानपुर और आगरा में मेट्रो सेवा संचालित कर रहा है। जल्दी ही प्रयागराज, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी, मेरठ, नोएडा में इस पर काम शुरू हो जाएगा। लखनऊ में वर्तमान में 23 किलोमीटर लम्बा कॉरिडोर है। इस पर 21 स्टेशन है, जिसमें एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड और विश्वविद्यालय भी शामिल है। सेकेण्ड फेज में 11 किलोमीटर कॉरिडोर पर काम शुरू हो गया है। कानपुर में 9 किलोमीटर और आगरा में 6 किलोमीटर कॉरिडोर में मेट्रो की सेवा शुरू हो चुकी है।