लखनऊ

लखनऊ नगर निगम का बड़ा फैसला: मंडप किराया 40% बढ़ा, अस्पताल,होटल लाइसेंस और शराब भी हुई महंगी

Lucknow Municipal Corporation : लखनऊ नगर निगम की सदन बैठक में टैक्स और शुल्कों में बड़ी बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। कल्याण मंडप किराया 40% बढ़ा, अस्पताल-होटल लाइसेंस शुल्क दोगुना हुआ।

2 min read
Jan 28, 2026
लखनऊ नगर निगम की सदन बैठक ,फोटो सोर्स - GPT

Lucknow Municipal Corporation :लखनऊ नगर निगम की सदन की बैठक करीब पांच महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार संपन्न हुई, इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं, नगर निगम ने अपनी आय बढ़ाने के लिए टैक्स और अलग-अलग शुल्कों में जबरदस्त इजाफा कर दिया है, जिसका सीधा असर अब शहर के लोगों की जेब पर दिखने लगेगा।

ये भी पढ़ें

अयोध्या राम मंदिर में बढ़ती भीड़ के चलते नए पुजारियों की भर्ती, दर्शन व्यवस्था तीन शिफ्टों में

मंडपों का किराया सीधे 40 फीसदी बढ़ा

इस पूरे फैसले में सबसे ज्यादा चर्चा कल्याण मंडपों और सार्वजनिक स्थलों के किराए को लेकर हुई है। अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक, नगर निगम ने कल्याण मंडपों का किराया सीधे तौर पर 40 फीसदी तक बढ़ा दिया है। मुख्य रूप से झूलेलाल वाटिका में धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए जो किराया पहले पांच हजार रुपये था, उसे अब दोगुना करके दस हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं अगर कोई इसका व्यावसायिक इस्तेमाल करना चाहता है, तो उसे अब 1.5 लाख की जगह सीधे 3 लाख रुपये चुकाने होंगे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भी महंगाई की मार !

सिर्फ आयोजन ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और खान-पान से जुड़ी सेवाओं पर भी महंगाई की मार पड़ी है। सदन ने निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी सेंटरों और होटलों के लाइसेंस शुल्क में भी भारी बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब छोटे से लेकर बड़े अस्पतालों तक का लाइसेंस लेना दोगुना महंगा हो गया है। 50 बेड के निजी अस्पताल का लाइसेंस शुल्क 7,500 से बढ़ाकर 15,000 रुपए हो गया है । वहीं बड़े अस्पतालों का शुल्क भी 70 हजार तक पहुंच गया है। होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर के लिए है, जहां लाइसेंस शुल्क में 400 फीसदी तक की वृद्धि की गई है। व्यापारियों के कड़े विरोध को देखते हुए फिलहाल 21 नए ट्रेड सेक्टरों में शुल्क बढ़ाने का फैसला टाल दिया गया है और इसके लिए एक विशेष कमेटी बनाई गई है जो महीने भर में अपनी रिपोर्ट देगी।

शराब पीना हुआ महंगा

इन बदलावों के साथ ही म्यूटेशन चार्ज यानी संपत्ति के नामांतरण की नई दरें भी लागू हो गई हैं, जो अब क्षेत्रफल के हिसाब से 10 हजार रुपये तक जा सकती हैं। मॉडल शॉप की दरों में 25 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है। बैठक के दौरान मेयर सुषमा खर्कवाल ने जनता को फर्जी टैक्स वसूली करने वालों से सावधान रहने की सलाह दी और पार्षदों ने विकास प्राधिकरण को दी गई NOC की शक्तियों को वापस निगम को दिलाने की मांग उठाई ताकि राजस्व का नुकसान रोका जा सके।

ये भी पढ़ें

कफ सिरप तस्करी में बड़ी कार्रवाई, ‌मास्टरमाइंड का करीबी विकास वाराणसी-नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार

Also Read
View All

अगली खबर