
Triple Murder Protest: राजधानी लखनऊ के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता में हुए तिहरे हत्याकांड के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। तीन लोगों की हत्या से गुस्साए क्षेत्रवासियों ने मंसूर नगर चौराहे पर तीनों शव रखकर प्रदर्शन किया और सड़क जाम कर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं। लोगों ने पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मृतकों के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने हत्यारोपी के एनकाउंटर और फांसी की मांग उठाई। साथ ही आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग भी की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
नौबस्ता में तीन लोगों की हत्या के बाद क्षेत्रवासियों का गुस्सा सड़क पर दिखाई दिया। मंसूर नगर चौराहे पर शव रखकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि ऐसी वारदातों पर प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए गए। महिलाओं ने भी विरोध में हिस्सा लेते हुए दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। लोगों का आक्रोश इस बात को लेकर था कि एक ही परिवार के तीन लोगों की जान जाने से पूरे क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल है।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने हत्याकांड के आरोपी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की मांग उठाई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के एनकाउंटर और फांसी की मांग की, जबकि आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की भी मांग की गई। हालांकि, आरोपी के खिलाफ आगे की कार्रवाई जांच, साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही तय होगी। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस और प्रशासन से मामले में सख्त कदम उठाने तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की। मौके पर मौजूद लोगों ने यह भी मांग की कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच हो और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े एक नेता के मौके पर पहुंचने की जानकारी भी सामने आई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही, आरोपियों को कथित रूप से संरक्षण देने वालों के खिलाफ भी नारेबाजी की गई। हालांकि, किसी व्यक्ति की भूमिका या संरक्षण देने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी जरूरी है। ऐसे मामलों में जांच के आधार पर ही जिम्मेदारी तय की जा सकती है।
नौबस्ता के ब्राह्मणी टोला इलाके में 26 अक्टूबर को कार खड़ी करने और चबूतरे से जुड़े पुराने विवाद के दौरान गोलीबारी हुई थी। पुलिस के अनुसार, इस घटना में शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी और बेटे सुयश तिवारी की मौत हो गई। तीनों को गंभीर हालत में केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया था, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को मौके से पकड़ने और कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल पिस्तौल तथा चार खोखे बरामद करने की जानकारी दी थी। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
तिहरे हत्याकांड के बाद क्षेत्र में लोगों का आक्रोश और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग सामने आई है। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। वहीं, इस तरह के संवेदनशील मामलों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और न्यायिक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करना प्रशासन के लिए अहम है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई साक्ष्यों और कानून के अनुरूप होनी चाहिए। फिलहाल, लोगों की निगाहें पुलिस की जांच और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।