लखनऊ

लखनऊ में E-रिक्शा पर बैठकर विधानसभा पहुंचे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, प्रदेश के लोगों से कहा- एक दिन ईंधन बचाएं

Suresh Khanna Energy Conservation Campaign: वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ऊर्जा संरक्षण का संदेश देते हुए ई-रिक्शा में बैठकर विधानसभा पहुंचे। वित्त मंत्री ने प्रदेश के लोगों से भी एक दिन ईंधन बचाने की अपील की।

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Jun 08, 2026
ऊर्जा बचाओ अभियान: ई-रिक्शा से कार्यालय पहुंचे वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, जनता से की अपील (फोटो सोर्स : भाषा संवाद WhatsApp News Group)
सुरेश खन्ना ई-रिक्शा में बैठकर कार्यालय पहुंचे (फोटो: पत्रिका)

Suresh Khanna E-rickshaw Journey: उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने एक बार फिर ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए बड़ी पहल की है। मंत्री सुरेश खन्ना अपने सरकारी आवास से विधानसभा स्थित कार्यालय तक ई-रिक्शा से पहुंचे और प्रदेशवासियों से भी ईंधन की बचत के लिए वैकल्पिक परिवहन साधनों को अपनाने की अपील की। यह चौथा अवसर है जब उन्होंने कार्यालय आने-जाने के लिए ई-रिक्शा का उपयोग किया है।

सुरेश खन्ना पहले भी ऊर्जा संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का परिचय देते रहे हैं। इससे पूर्व वे एक बार साइकिल, एक बार मोटरसाइकिल तथा दो बार ई-रिक्शा का उपयोग कर कार्यालय पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि यह केवल प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि समाज में ऊर्जा बचत और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है।

संकल्प को लगातार निभा रहे मंत्री

वित्त मंत्री ने कुछ समय पहले यह संकल्प लिया था कि सप्ताह में कम से कम एक दिन वे पेट्रोलियम आधारित वाहनों का उपयोग नहीं करेंगे अथवा न्यूनतम ईंधन खपत वाले साधनों से यात्रा करेंगे। इसी संकल्प के तहत उन्होंने एक बार फिर ई-रिक्शा से सफर कर लोगों को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया।

विधानसभा पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। यदि प्रत्येक नागरिक अपनी दैनिक जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव करे तो इसका बड़ा सकारात्मक प्रभाव देश की ऊर्जा जरूरतों और पर्यावरण पर पड़ सकता है।

वैश्विक परिस्थितियों का किया उल्लेख

सुरेश खन्ना ने कहा कि विश्व स्तर पर बदलती परिस्थितियां और खाड़ी क्षेत्र में जारी अस्थिरता ऊर्जा सुरक्षा के महत्व को और बढ़ा रही हैं। भारत जैसे बड़े देश के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और कीमतें अंतरराष्ट्रीय हालात से प्रभावित होती हैं। ऐसे में ऊर्जा की बचत और वैकल्पिक साधनों का उपयोग समय की मांग है।

उन्होंने कहा कि यदि नागरिक अनावश्यक वाहन उपयोग को कम करें और सार्वजनिक परिवहन, साइकिल या ई-रिक्शा जैसे साधनों को अपनाएं तो इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा।

पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश

वित्त मंत्री ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। पेट्रोल और डीजल की खपत कम होने से वायु प्रदूषण में कमी आती है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों को लाभ पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि शहरों में बढ़ते वाहनों के कारण प्रदूषण एक गंभीर चुनौती बन चुका है। यदि लोग छोटी दूरी की यात्रा के लिए साइकिल, ई-रिक्शा या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें तो स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।

जन भागीदारी पर दिया जोर

सुरेश खन्ना ने कहा कि ऊर्जा संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन ऐसे परिवहन साधनों का उपयोग करें, जिनमें ईंधन की खपत कम हो या बिल्कुल न हो। उन्होंने कहा कि यदि लाखों लोग इस अभियान से जुड़ते हैं तो प्रतिदिन बड़ी मात्रा में ईंधन की बचत संभव होगी। यह बचत देश के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

राष्ट्रीय दायित्व के रूप में देखें ऊर्जा बचत

वित्त मंत्री ने ऊर्जा संरक्षण को राष्ट्रीय दायित्व बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को यह समझना होगा कि संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग राष्ट्रहित से जुड़ा हुआ विषय है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा की बचत केवल व्यक्तिगत लाभ तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध देश की आर्थिक मजबूती और भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा से है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे अनावश्यक रूप से वाहनों का उपयोग करने से बचें, सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें और जहां संभव हो वहां साइकिल या ई-रिक्शा जैसे पर्यावरण अनुकूल साधनों का उपयोग करें।

संदेश को मिली सराहना

वित्त मंत्री की इस पहल को लोगों और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों ने सकारात्मक कदम बताया है। उनका मानना है कि जब जनप्रतिनिधि स्वयं ऐसे उदाहरण प्रस्तुत करते हैं तो समाज में जागरूकता बढ़ती है और लोग भी प्रेरित होते हैं। राजधानी लखनऊ में मंत्री के ई-रिक्शा से विधानसभा पहुंचने की चर्चा दिनभर होती रही। कई लोगों ने इसे ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी प्रयास बताया।

छोटे कदम, बड़ा प्रभाव

सूत्रों का मानना है कि ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय चुनौतियों के दौर में छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की शुरुआत बन सकते हैं। यदि समाज के विभिन्न वर्ग और जनप्रतिनिधि मिलकर ऊर्जा संरक्षण के लिए आगे आएं तो इसका सकारात्मक प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई दे सकता है।

Published on:
08 Jun 2026 07:10 pm