Lucknow Transfer: लखनऊ के मलिहाबाद और माल थानों के प्रभारियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। मलिहाबाद थाने के अतिरिक्त निरीक्षक बैजनाथ को नया प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि सायबर सेल के प्रभारी रहे आनंद कुमार द्विवेदी को माल थाने का नया प्रभारी निरीक्षक बनाया गया है। इस कार्रवाई के पीछे अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही मुख्य कारण बताए जा रहे हैं।
Lucknow Police Transfer: लखनऊ पुलिस प्रशासन ने हाल ही में अपने विभाग में अनुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस क्रम में मलिहाबाद और माल थानों के प्रभारियों को उनके पदों से हटाकर लाइन हाजिर किया गया है। इन थानों में नए प्रभारियों की नियुक्ति भी की गई है, जिससे स्थानीय कानून व्यवस्था में सुधार की उम्मीद की जा रही है।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इन थानों के प्रभारियों के खिलाफ कई शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
इनमें मुख्यतः अनुशासनहीनता, कर्तव्य में लापरवाही, और स्थानीय निवासियों की समस्याओं के प्रति उदासीनता शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, कुछ मामलों में अवैध गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप भी सामने आए हैं, जिनकी जांच जारी है।
मलिहाबाद थाने के अतिरिक्त निरीक्षक बैजनाथ को अब इस थाने का प्रभारी बनाया गया है। वहीं, सायबर सेल के प्रभारी रहे आनंद कुमार द्विवेदी को माल थाने का नया प्रभारी निरीक्षक नियुक्त किया गया है। इन अधिकारियों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे और स्थानीय जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान करेंगे।
लखनऊ पुलिस के उच्चाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विभाग में अनुशासनहीनता और कर्तव्य में लापरवाही को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में भी यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ ऐसी शिकायतें प्राप्त होती हैं, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन के इस कदम की सराहना की है। उनका मानना है कि इससे थानों में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही पर अंकुश लगेगा और उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा। कुछ निवासियों ने यह भी उम्मीद जताई है कि नए प्रभारियों की नियुक्ति से क्षेत्र में कानून व्यवस्था में सुधार होगा और अपराधों में कमी आएगी।
यह पहली बार नहीं है जब लखनऊ पुलिस ने इस तरह की कार्रवाई की है। पूर्व में भी, अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। उदाहरण के लिए, अतिक्रमण के मामलों में पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि यातायात में बाधा डालने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, थानों में तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए मानक निर्धारित किए गए थे, ताकि पुलिस की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
हाल ही में, बलिया जिले में भी पुलिस प्रशासन ने कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में एक सब-इंस्पेक्टर और चार आरक्षियों को निलंबित किया था। इन पुलिसकर्मियों पर अवैध शराब तस्करी और खनन गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप थे। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि पुलिस विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लखनऊ पुलिस प्रशासन द्वारा मलिहाबाद और माल थानों के प्रभारियों को लाइन हाजिर करने की यह कार्रवाई विभाग में अनुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल पुलिसकर्मियों में जवाबदेही की भावना बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय जनता का विश्वास भी पुलिस प्रशासन में मजबूत होगा। आशा है कि नए प्रभारियों की नियुक्ति से संबंधित क्षेत्रों में कानून व्यवस्था में सुधार होगा और अपराधों में कमी आएगी।