लखनऊ

Lucknow Crime News: बड़े नेताओं संग तस्वीरें, सोशल मीडिया पर वरिष्ठ पत्रकार का दावा, नाबालिग से दुराचार के आरोप में सुभासपा प्रदेश उपाध्यक्ष गिरफ्तार

Lucknow Rape Case: लखनऊ में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में रंजीत सिंह राठौर गिरफ्तार हुआ है। पुलिस के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को वरिष्ठ पत्रकार और सुभासपा का प्रदेश उपाध्यक्ष बताता था। उसके राजनीतिक और आपराधिक दावों की जांच जारी है।
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Aug 17, 2026
Lucknow Crime News Lucknow Rape Case Ranjit Singh Rathore
लखनऊ में नाबालिग से रेप के आरोप में रंजीत राठौर गिरफ्तार

Lucknow Ranjit Rathore Arrest:लखनऊ में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किए गए रंजीत सिंह राठौर को लेकर पुलिस जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आ रही हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया पर खुद को वरिष्ठ पत्रकार और सुभासपा का प्रदेश उपाध्यक्ष बताता था। बड़े नेताओं और पुलिस अधिकारियों के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर वह लोगों के बीच प्रभाव जमाने की कोशिश करता था। हालांकि, सुभासपा के प्रदेश उपाध्यक्ष होने के उसके दावे की अभी पुलिस स्तर से पुष्टि नहीं हुई है।

मड़ियांव पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया है। अब पुलिस उसके कथित राजनीतिक और पत्रकारिता से जुड़े दावों के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है।

सीतापुर से शुरू हुई थी जांच

मामला सबसे पहले सीतापुर कोतवाली में दर्ज हुआ था। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि उसे नशीला पदार्थ पिलाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया और मारपीट भी की गई। जांच में सामने आया कि कथित घटना लखनऊ के हसनगंज क्षेत्र की है। इसके बाद केस की विवेचना लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस को सौंप दी गई। लखनऊ पुलिस और क्राइम ब्रांच ने तकनीकी साक्ष्यों और पीड़िता के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान रंजीत सिंह राठौर का नाम सामने आया और उसे मामले में आरोपी बनाया गया। इसके बाद रविवार को मड़ियांव क्षेत्र से उसकी गिरफ्तारी की गई।

फेसबुक प्रोफाइल पर खुद को बताया ‘वरिष्ठ पत्रकार’

आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट की भी पड़ताल शुरू की। पुलिस के मुताबिक, उसकी फेसबुक प्रोफाइल पर वह खुद को ‘वरिष्ठ पत्रकार’ बताता था। इसके अलावा प्रोफाइल पर सुभासपा का प्रदेश उपाध्यक्ष होने का भी दावा किया गया था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट पर राजनीतिक और पुलिस अधिकारियों के साथ कई तस्वीरें मिलीं। इनमें कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के साथ मंच साझा करने वाली तस्वीरें भी शामिल बताई जा रही हैं। पुलिस अधिकारियों के साथ तस्वीरें भी उसके अकाउंट पर मौजूद होने की बात कही गई है। पुलिस का कहना है कि इन तस्वीरों का इस्तेमाल वह लोगों के बीच अपनी पहुंच और प्रभाव दिखाने के लिए करता था।

वसूली के आरोपों की भी जांच

पुलिस अब केवल दुष्कर्म के मामले तक जांच सीमित नहीं रख रही है। आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज मामलों, कथित ब्लैकमेलिंग और वसूली से जुड़े आरोपों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या राजनीतिक या पत्रकारिता से जुड़ी पहचान का इस्तेमाल किसी तरह के दबाव या अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता था। इसके अलावा उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और सोशल मीडिया पर किए गए दावों की भी जांच की जा रही है।

पीड़िता की मां ने भी लगाए थे गंभीर आरोप

मामले में पीड़िता की मां ने आरोपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। बताया गया कि पीड़िता ने रंजीत को अपने इलाके के सभासद के तौर पर भी पहचानने की बात कही थी और उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे होने का आरोप लगाया था। अब पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके खिलाफ पहले से कोई मामले दर्ज हैं या नहीं और उनका मौजूदा केस से कोई संबंध है या नहीं।

ACP बोले- राजनीतिक पद के दावे की भी होगी जांच

ACP अलीगंज के मुताबिक, आरोपी खुद को पत्रकार बताकर अधिकारियों से संपर्क करता था और उनके साथ तस्वीरें खिंचवाता था। बाद में इन्हीं तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों के बीच अपना प्रभाव दिखाने की कोशिश करता था। ACP ने यह भी स्पष्ट किया कि रंजीत की फेसबुक प्रोफाइल पर सुभासपा का प्रदेश उपाध्यक्ष लिखा होना सामने आया है, लेकिन उसके इस राजनीतिक पद पर होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Updated on:
17 Aug 2026 03:01 pm
Published on:
17 Aug 2026 03:01 pm