लखनऊ

Gold Rate Today: सर्राफा बाजार में सोना-चांदी के दाम अपडेट, 24 कैरेट गोल्ड और चांदी महंगी

Gold Rate Today Lucknow : लखनऊ सर्राफा बाजार से सोना-चांदी की नई खुदरा दरें जारी की गई हैं। सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार 24, 22 और 18 कैरेट सोने के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जबकि चांदी के भाव में भी तेजी दर्ज की गई है। खरीदारी और निवेश से पहले विशेषज्ञों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

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Jan 13, 2026
सर्राफा एसोसिएशन ने जारी की खुदरा दरें, निवेशकों में बढ़ी सतर्कता (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)

Lucknow Sarafa Market Updates Gold and Silver Rates: राजधानी लखनऊ के सर्राफा बाजार से सोना और चांदी की कीमतों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन (LKO Sarrafa Association) द्वारा खुदरा ग्राहकों के लिए सोने और चांदी की नई बिक्री दरें जारी की गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक तनाव और घरेलू मांग के असर के चलते कीमती धातुओं की कीमतों में लगातार बदलाव देखा जा रहा है। इसी क्रम में लखनऊ के बाजार में सोने के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास बने हुए हैं। सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार यह दरें 10 ग्राम के आधार पर खुदरा ग्राहकों के लिए तय की गई हैं, जिनमें GST, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क शुल्क अतिरिक्त देय होंगे। इससे ग्राहकों को आभूषण खरीदते समय कुल भुगतान इससे अधिक करना पड़ सकता है।

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सोने की नई खुदरा दरें (10 ग्राम)

सर्राफा एसोसिएशन द्वारा जारी ताजा सूची के अनुसार लखनऊ में सोने के दाम इस प्रकार हैं-

  • 24 कैरेट सोना : ₹ 1,45,400 प्रति 10 ग्राम
  • 22 कैरेट सोना : ₹ 1,34,200 (92% शुद्धता) प्रति 10 ग्राम
  • 18 कैरेट सोना : ₹ 1,10,500 (76% शुद्धता) प्रति 10 ग्राम

सर्राफा व्यापारियों के अनुसार 24 कैरेट सोने का उपयोग मुख्य रूप से सिक्के और बार के रूप में निवेश के लिए किया जाता है, जबकि 22 और 18 कैरेट सोना आभूषण निर्माण में अधिक प्रचलित है। शादी-विवाह और त्योहारी सीजन के मद्देनजर इन दरों का सीधा असर बाजार की मांग पर पड़ सकता है।

चांदी की कीमत में भी तेजी

सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी मजबूती देखने को मिली है। लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक-

चांदी (ज्वेलरी) : ₹ 2,67,500 प्रति किलोग्राम

चांदी की कीमतों में आई तेजी का कारण औद्योगिक मांग, सोलर सेक्टर में बढ़ता उपयोग और वैश्विक बाजारों में निवेशकों की बढ़ती रुचि मानी जा रही है। चांदी को अब केवल आभूषण धातु नहीं बल्कि एक मजबूत औद्योगिक धातु के रूप में भी देखा जा रहा है।

कीमतों में बढ़ोतरी के कारण

  • सर्राफा बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों में हालिया उछाल के पीछे कई प्रमुख कारण हैं-
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर- वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में मजबूती का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है।
  • डॉलर में उतार-चढ़ाव - डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति कमजोर होने पर सोना महंगा हो जाता है।
  • भू-राजनीतिक तनाव- वैश्विक अनिश्चितता के दौर में निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोने में निवेश बढ़ाते हैं।
  • घरेलू मांग- शादी-विवाह का सीजन और त्योहारों की तैयारी से मांग में इजाफा होता है।
  • ब्याज दरों की अनिश्चितता- जब ब्याज दरों को लेकर स्पष्टता नहीं होती, तब सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत

सर्राफा बाजार के जानकारों के अनुसार मौजूदा समय में सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर हैं। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जा रही है। लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन से जुड़े विनोद महेश्वरी का कहना है कि सोने और चांदी में निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कीमती धातुओं में निवेश दीर्घकालिक दृष्टिकोण से लाभदायक हो सकता है, लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार की राय अवश्य लें। 

ग्राहकों पर पड़ेगा अतिरिक्त खर्च

हालांकि सर्राफा एसोसिएशन द्वारा जारी दरें मूल कीमतें हैं, लेकिन वास्तविक खरीदारी के समय ग्राहकों को GST, मेकिंग चार्ज और हॉलमार्क शुल्क भी देना होगा। इससे आभूषणों की अंतिम कीमत में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। विशेष रूप से भारी डिजाइन और हस्तनिर्मित आभूषणों में मेकिंग चार्ज अधिक होने से कुल लागत बढ़ जाती है।

बाजार की मौजूदा स्थिति

लखनऊ के चौक, अमीनाबाद, आलमबाग और गोमतीनगर जैसे प्रमुख सर्राफा बाजारों में कीमतों को लेकर ग्राहकों में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां एक ओर निवेशक ऊंची कीमतों के बावजूद सोने में निवेश को सुरक्षित मान रहे हैं, वहीं आम ग्राहक कीमतें स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आती है तो कीमतों में कुछ नरमी संभव है, लेकिन मौजूदा हालात में बड़ी गिरावट की संभावना कम नजर आ रही है।

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