कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने शनिवार से विवि खोलने की बात कही और यह भी कहा कि मंगलवार से पढ़ाई और काउंसलिंग नियमित रूप से चलेगी
लखनऊ. लखनऊ विश्वविद्यालय में हुई मारपीट को लेकर शिक्षकों का गुस्सा अभी तक शांत नहीं हुआ है। मारपीट के बाद से कुलपति और लखनऊ यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (लूटा) अलग-अलग नजर आ रहे हैं। एसएसपी दीपक कुमार सिंह कार्रवाई की मांग को लेकर डटे हुए हैं, तो वहीं आरोपी छात्रों की गिरफ्तारी की मांग भी की गयी है। शुक्रवार को लूटा की जनरल बॉडी की बैठक में इसे लेकर हंगामा भी हुआ। कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने शनिवार से विवि खोलने की बात कही और यह भी कहा कि मंगलवार से पढ़ाई और काउंसलिंग नियमित रूप से चलेगी।
उन्होंने नए सत्र की तैयारियों को लेकर विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई। इसमें सभी को टाइम टेबल लेकर आने को कहा गया। हालांकि, लूटा ने अभी भी कार्य बहिष्कार खत्म करने की घोषणा नहीं की है। इस पर अब दोबारा सोमवार को बैठक बुलाई गयी है।
सुरक्षा व्यवस्था में पूरी तरह से सहयोग
कुलपति ने बताया कि इस मामले में डीजीपी ने परिसर में सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की बात कही है। अब क्योंकि हाईकोर्ट ने मामले को संज्ञान में लिया है, इसलिए छात्रों के भले को देखते हुए अब विवि खोलने का फैसला किया गया है। विवि में शैक्षिक माहौल को लेकर क्या बेहतर किया जा सकता है, इस बात को लेकर बैठक में चर्चा होगी।
संबद्ध डिग्री कॉलेजों में भी कार्य बहिष्कार
इस मारपीट का असर ऐसा पड़ा कि लविवि से संबद्ध कॉलेजों में शुक्रवार को कार्य बहिष्कार रहा। केकेसी, कालीचरण पीजी कॉलेज और डीएवी कॉलेज सहित कई कॉलेजों में स्नातक कोर्स की काउंसलिंग बंद रही। लविवि और डिग्री कॉलेजों में बंद का असर देखने को मिला। स्टूडेंट्स काम लेकर आए तो लेकिन लौट गए। कुछ विद्यार्थी कैंपस खुलने की जानकारी भी लेने पहुंचे लेकिन पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था। कैशियर कार्यालय, परीक्षा वित्राग में कामकाज पूरी तरह से प्रभावित रहा।