
लखनऊ. अब जल्द ही यूपी सहित देश में डिजिटल करेंसी शुरू हो जाएगी। आरबीआई ने कहा है कि, दिसम्बर तक डिजिटल करेंसी पेश करेगा। तब क्या रुपया बंद हो जाएगा, नहीं लेने का एक यह नया और आसान सुविधाजनक तरीका लोगों को मिल जाएगा। पर डिजिटल करेंसी क्या है? हम इस बारे में बताते हैं। डिजिटल करेंसी, क्रिप्टोकरेंसी से कितनी अलग है इस भी जानिए।
डिजिटल करेंसी क्या है (What Is digital currency) ? :- सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी यानी कि सीबीडीसी यह कैश का इलेक्ट्रॉनिक रूप है। इस डिजिटल करेंसी का पूरा नाम सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (Central Bank Digital Currency) है। मतलब जैसे कैश का लेन-देन करते हैं, वैसे ही डिजिटल करेंसी का लेन-देन भी कर सकेंगे। इसे देश का केंद्रीय बैंक (Central Bank) जारी करता है। यह उस देश की केंद्रीय बैंक की बैलेंसशीट (Balance Sheet) में भी शामिल होती है। इसकी खासियत यह है कि इसे देश की सॉवरेन करेंसी (Sovereign Currency) में बदला जा सकता है। भारत में इसे डिजिटल रुपया पुकार सकते हैं। डिजिटल करेंसी दो तरह की होती है। एक को रिटेल (Retail) और दूसरे को होलसेल (Wholesale)। रिटेल डिजिटल करेंसी के नाम से पुकारते हैं। होलसेल डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल वित्तीय संस्थाओं द्वारा किया जाता है।
डिजिटल करेंसी और क्रिप्टोकरेंसी में अंतर? :- डिजिटल करेंसी (Digital Currency) और क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) में एक बड़ा अंतर होता है। डिजिटल करेंसी को देश की सरकार से मान्यता हासिल होती है। इसलिए इसमें जोखिम नहीं होता है। इसे सॉवरेन मुद्रा में यानी उस देश की करेंसी में बदला जा सकता है। क्रिप्टोकरेंसी के साथ यह सुविधा नहीं मिलती है।
डिजिटल करेंसी इन देशों में चलती है :- चीन, जापान और स्वीडन में तो डिजिटल करंसी पर ट्रायल शुरू हो गया है, वहीं, यूके, अमेरिका भी डिजिटल करेंसी लाने पर विचार हो रह है। इक्वाडोर, बहामास, ट्यूनीशिया, सेनेगल में डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल हो रहा है।