- लंगड़ा और चौसा का भी होगा स्वाद फीका- 30 प्रतिशत से भी कम हो सकता उत्पादन
लखनऊ. गर्मी के मौसम में आम सबसे ज्यादा खाए जाने फल में से एक है। लेकिन होली से पहले अचानक बदले मौसम के रुख से आम की फसल प्रभावित होने की संभावना है। बेमौसम बारिश इस बार आम का जायका फीका कर सकती है। बारिश, आंधी और ओलों की मार से इस बार बाजारों में आम की आवक कम रहेगी। बौर पर ठंड की मार और आंधी के वार से दशहरी आम का उत्पादन और गुणवत्ता सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकता है। लिहाजा इस बार बाजारों में दशहरी आम (Dussehri Mango) की रौनक कम नजर आएगी। इसी तरह चौसा, लंगड़ा, सफेदा आम के उत्पादन भी असर पड़ने की उम्मीद है। बारिश के चलते दशहरी और दूसरी वैरायटी के आम के उत्पादन प्रभावित होने से आम की उपलब्धता घटने के साथ महंगाई बढ़ने की संभावना बढ़ गई है।
खराब मौसम में गिरे बौर
दशहरी आम सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली प्रजाति है। इस बार पड़ी अत्यधिक ठंड और गुरुवार को हुई आंधी बारिश के कारण आम की फसलों को नुकसान पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। ऑल इंडिया मैंगो ग्रोवर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इंसराम अली ने आम के उत्पादन पर चिंता जताई है। मौसम में उतार चढ़ाव से बौर लगने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। इंसराम अली ने बताया कि इस बार आमतौर पर जनवरी में बौर लगना शुरू हो जाता है मगर इस बार फरवरी के अंत तक यह प्रक्रिया शुरू हुई है। इससे भी चिंताजनक बात यह है कि बौर की अब तक 30 फीसदी ही ग्रोथ हुई है। अगर आगे के दिनों में भी बारिश होती है, तो यह आम के पेड़ में बौर लगने की प्रक्रिया को प्रभावित करेगा। बारिश के बाद गर्मी बढ़ेगी जो कि बौर की ग्रोथ और प्रभावित करेगा। मौसम में मौजूद नमी की मात्रा, कभी तेज धूप और कभी बारिश आम के पेड़ पर लगने वाले बौर की प्रक्रिया को बाधित कर सकता है।
अन्य फसलों को भी नुकसान
बेमौस बारिश ने केवल आम के उत्पादन पर ही असर नहीं डाला है बल्कि गेहूं और सरसों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं। लखनऊ के बीकेटी ब्लॉक के ग्राम रामपुर देवरई निवासी नागेंद्र बहादुर सिंह के गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। उनकी गेहूं में बालिया आने लगी थी लेकिन बारिश और ओले गिरने से इन बालियों को नुकसान पहुंचा है।