लखनऊ

Lucknow में अवैध विदेशियों के खिलाफ कड़ा एक्शन, महापौर सड़कों पर उतरीं-कुर्सी रोड पर रातभर चली छापेमारी

Lucknow में अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। गुडम्बा थाना क्षेत्र के कुर्सी रोड पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई, जिसमें दस्तावेज़ जांच, सत्यापन और पहचान की पुष्टि की गई। महापौर सुषमा खरकवाल स्वयं मौके पर पहुंचीं और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
4 min read
Dec 04, 2025
महापौर सुषमा खरकवाल ने किया मौके पर निरीक्षण, नाम बदलकर रहने वालों की जांच में तेजी (फोटो सोर्स : Municipal Corporation Media Cell)
महापौर सुषमा खरकवाल ने किया मौके पर निरीक्षण, नाम बदलकर रहने वालों की जांच में तेजी (फोटो सोर्स : Municipal Corporation Media Cell)

Massive Crackdown in Lucknow: राजधानी लखनऊ में नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने अवैध रूप से रह रहे विदेशियों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। विशेषकर गुडम्बा थाना क्षेत्र के कुर्सी रोड और आसपास के इलाकों में मंगलवार देर रात एक व्यापक संयुक्त अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई महापौर सुषमा खरकवाल के नेतृत्व में की गई, जिन्होंने खुद मौके पर पहुंचकर जांच की रूपरेखा को परखा और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों की पहचान करना था जो गलत पहचान या फर्जी दस्तावेजों के सहारे शहर में रह रहे हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई व्यक्तियों के बारे में जानकारी मिली थी कि वे अपने नाम और मूल स्थान बदलकर यहां काम कर रहे हैं। इन्हीं इनपुट्स के बाद जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस संयुक्त रूप से सक्रिय हुई।

कुर्सी रोड पर देर रात छापेमारी, कई टीमों ने संभाला मोर्चा

  • गुडम्बा थाना क्षेत्र में कुर्सी रोड, नई बस्ती, रिक्शा स्टैंड इलाका, और आसपास की कॉलोनियों में छापेमारी की गई। अभियान में लखनऊ नगर निगम
  • पुलिस विभाग
  • स्थानीय खुफिया इकाई
  • प्रवासी निगरानी सेल
  • की टीमें शामिल रहीं।

टीमों ने घर-घर दस्तक देकर—

  • किरायानामा
  • पहचान पत्र
  • काम करने के दस्तावेज
  • निवास सत्यापन
  • की जांच की।

अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि कोई भी कार्रवाई केवल संदेह के आधार पर नहीं बल्कि दस्तावेजी सत्यापन और वैधानिक प्रक्रिया के बाद ही की जाए।

 महापौर सुषमा खरकवाल ने स्वयं संभाला निरीक्षण

इस पूरे अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि महापौर सुषमा खरकवाल स्वयं मौके पर मौजूद रहीं। उन्होंने निवासियों से बातचीत की, किरायेदारों की सूची देखी और स्थानीय लोगों से फीडबैक लिया। महापौर ने कहा कि लखनऊ शहर को सुरक्षित और सुव्यवस्थित रखना हमारी प्राथमिकता है। गलत पहचान के आधार पर रहने या फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। किसी भी निर्दोष नागरिक को परेशान नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, कई इलाकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग फर्जी नामों से किराए पर कमरों में रहने लगे हैं। नगर निगम की टीमों को पहले ही सख्त निर्देश दिए गए थे कि वे ऐसे मामलों की नियमित जांच करें।

ट्रिपल इंजन सरकार का निर्देश-कानून का पालन सख्ती से हो

राज्य सरकार, केंद्र सरकार और नगर निगम-तीनों स्तरों को मिलाकर इसे "ट्रिपल इंजन सरकार" के रूप में प्रचारित किया जाता है। ऐसे में शहर में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संयुक्त समन्वय बढ़ा है। सरकारी उच्चाधिकारियों के अनुसार,सुरक्षा एजेंसियों को संदिग्ध बस्तियों की सूची दी गई है। किरायेदार सत्यापन को अनिवार्य किया गया है। विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की नियमित जांच होगी। किसी भी व्यक्ति को बिना वैध कागज़ के शहर में रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान किसी समुदाय या क्षेत्र को निशाना बनाने के लिए नहीं बल्कि सुरक्षा और कानूनी अनुपालन की दृष्टि से एक सामान्य प्रक्रिया है।

नाम बदलकर रहने वालों पर कार्रवाई तेज

जांच के दौरान कुछ लोगों के द्वारा-नाम बदलने,मूल देश छिपाने, पुरानी पहचान छिपाने,या किरायानामा बिना सत्यापन के लेने जैसी बातें सामने आईं।

  • ऐसे मामलों में-
  • सत्यापन
  • पूछताछ
  • दस्तावेज़ जांच
  • और कानूनी कार्रवाई
  • की प्रक्रिया शुरू की गई।

पुलिस का कहना है कि जहाँ भी दस्तावेज़ स्पष्ट मिले, वहाँ किसी को परेशान नहीं किया गया। केवल उन्हीं से पूछताछ की गई जिनके कागज़ संदिग्ध थे या जिनमें विसंगतियाँ पाई गईं।

स्थानीय लोगों ने भी जताई चिंता

कुर्सी रोड के कई स्थानीय निवासियों ने महापौर से मिलकर बताया कि कई किरायेदारों का पुलिस सत्यापन नहीं हुआ। कुछ लोग रात के समय आते-जाते मिले। असामान्य गतिविधियों का संदेह रहता है। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि शहर में बढ़ती जनसंख्या और बेतरतीब किरायेदारी से माहौल बिगड़ सकता है। महापौर ने सभी को भरोसा दिलाया कि नगर निगम और पुलिस लगातार सतर्क है।

जांच के दौरान मिली प्रमुख कमियां

  • अधिकारियों के अनुसार, अभी तक—
  • बिना सत्यापन वाले किरायेदार
  • संदिग्ध पहचान पत्र
  • पुरानी और नई पहचान में अंतर
  • बिना लाइसेंस छोटे दुकान/धंधे
  • गलत पते पर बने दस्तावेज़
  • जैसी बातें सामने आई हैं।
  • लेकिन अभी जांच पूरी नहीं हुई है, इसलिए कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया।
  • अवैध रूप से रहने वालों के लिए तय की गई कार्रवाई

पुलिस और प्रशासन ने प्रक्रिया तय की है कि पहचान की पुष्टि,किरायानामा का मिलान,स्थानीयता का सत्यापन

  • विदेशी नागरिकों का FRRO रिकॉर्ड चेक
  • अवैध पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई एवं देश वापसी की प्रक्रिया
  • अधिकारियों का कहना है कि कानून के तहत हर कदम पारदर्शी और मानवीय होगा।

महापौर का निर्देश-जो भी अवैध तरीके से रह रहा है, कार्रवाई तय

महापौर सुषमा खरकवाल ने अधिकारियों से कहा कि  हर हफ्ते रिपोर्ट दें। जांच में लापरवाही न हो। किसी भी सूचना पर तत्काल टीम भेजी जाए ,थानों में किरायेदार सत्यापन अनिवार्य हो। उन्होंने कहा कि लखनऊ एक तेज़ी से विकसित होता शहर है और इसकी सुरक्षा सर्वोपरि है।

अभियान आगे भी जारी रहेगा

यह अभियान एक दिन का नहीं, बल्कि कई दिनों तक चलाया जाएगा। संवेदनशील और अधिक घनी आबादी वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता पर रखा जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी दें। किराएदार रखते समय सत्यापन कराएं। फर्जी दस्तावेज दिखाने वालों की सूचना तुरंत दें। 

Published on:
04 Dec 2025 01:28 pm