
लखनऊ : राजधानी के चिनहट थाना क्षेत्र स्थित हिमालय कोल्ड स्टोरेज में रविवार सुबह अचानक भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पूरे परिसर को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में उठता काले धुएं का विशाल गुबार कई किलोमीटर दूर से दिखाई देने लगा।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने का अभियान लगातार जारी है, लेकिन तीन घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आग पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका है। दमकलकर्मी लगातार आग को फैलने से रोकने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हैं।
आग की भयावहता को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए कोल्ड स्टोरेज के आसपास स्थित रिहायशी मकानों को खाली करा दिया है। स्थानीय लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
अधिकारियों के अनुसार, आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का आकलन और आग लगने के कारणों की जांच की जाएगी।
पुलिस ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोल्ड स्टोरेज के आसपास स्थित मकानों को एहतियातन खाली करा दिया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल विभाग और पुलिस की टीमों ने आग पर काबू पा लिया। हालांकि, घटना के बाद स्थानीय लोगों में दहशत और नाराजगी दोनों देखने को मिली।
दयाल रेजीडेंसी के एक प्रत्यक्षदर्शी निवासी ने बताया कि कोल्ड स्टोरेज से सटे सभी घरों को तत्काल खाली कराया गया था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यह पूरी तरह रिहायशी इलाका है और ऐसे में यहां कोल्ड स्टोरेज जैसी गतिविधियों का संचालन लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। उनका कहना था कि इस तरह की इकाइयों को आबादी से दूर स्थानांतरित किया जाना चाहिए।
इलाके के अन्य निवासियों ने भी इसी तरह की मांग उठाई। उनका कहना है कि घनी आबादी के बीच कोल्ड स्टोरेज संचालित होने से किसी भी हादसे की स्थिति में बड़ी जनहानि हो सकती है, इसलिए इसे रिहायशी क्षेत्र से हटाया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि हाल ही में लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में एक इमारत में भीषण आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई थी। उस मामले में जांच के दौरान लापरवाही के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ऐसे में चिनहट की इस घटना ने एक बार फिर शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और रिहायशी इलाकों में संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।