यूपी विधानसभा में निजी विश्वविद्यालयों की फीस को लेकर जोरदार बहस हुई। विपक्ष के नेता माता पांडे ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी का नाम लेते हुए सवाल किए।
UP Politics, Galgotias University News: उत्तर प्रदेश विधानसभा में निजी विश्वविद्यालयों की फीस को लेकर हुई बहस में एक बयान ने सोशल मीडिया पर बवाल मचा दिया है। विपक्ष के नेता माता प्रसाद पांडेय ने सरकार की नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालय शिक्षा फैलाने से ज्यादा पैसे कमाने के धंधे में लगे हैं। इस दौरान उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी और गलगोटिया यूनिवर्सिटी का नाम लेकर फीस के फर्क की बात की।
माता प्रसाद पांडेय ने सदन में कहा कि सरकारी लखनऊ यूनिवर्सिटी में पढ़ाई का खर्च छात्रों के लिए कम है। वहीं निजी विश्वविद्यालयों में बहुत ज्यादा फीस ली जाती है। उनका कहना था कि निजी यूनिवर्सिटी बनाने का कानून जब सदन में आया था, तब उन्होंने इसका विरोध किया था। उन्हें डर था कि इससे शिक्षा की क्वालिटी से ज्यादा व्यापार और पूंजीपतियों के फायदे को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालय शिक्षा के नाम पर छात्रों और उनके परिवारों से भारी-भरकम फीस वसूल रहे हैं।
चर्चा के बीच माता प्रसाद पांडेय ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी का जिक्र किया। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी को देख लीजिए। पता नहीं कहां का कुत्ता ले आया, कहा कि हमने बनाया यह सुनते ही सदन में मौजूद विधायकों की हंसी छूट गई। इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मुस्कुराते हुए नजर आए। उनके के बाद सदन का माहौला हंसी से भर गया।
माता प्रसाद पांडेय ने तर्क दिया कि शिक्षा का काम समाज सेवा है, न कि कमाई का जरिया। उन्होंने सरकार से मांग की कि निजी विश्वविद्यालयों की फीस पर सख्त नियंत्रण होना चाहिए। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएं। उनका कहना था कि छात्रों और अभिभावकों पर इतना बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।