
Maulana Jarjis Controversy: मौलाना जर्जिस के विवादित बयानों को लेकर उत्तर प्रदेश में फिर विवाद बढ़ गया। भगवान शिव और भगवान कृष्ण को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के विरोध में लखनऊ के हजरतगंज में हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना के खिलाफ कार्रवाई और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इस दौरान भारतीय गौ सेवा संगठन और हिंदू महासभा के कार्यकर्ता सड़क पर उतरे और जमकर नारेबाजी की। वहीं, भाजपा ने भी इस मामले को लेकर माहौल खराब करने की साजिश का आरोप लगाया है।
प्रदर्शनकारी दोपहर को भगवा झंडे लेकर हजरतगंज पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मौलाना जर्जिस के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई की मांग उठाई। भारतीय गौ सेवा परिषद के अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने कहा कि मौलाना लगातार सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सावन जैसे पवित्र महीने में भगवान शिव को लेकर की गई कथित टिप्पणी से श्रद्धालुओं में नाराजगी है।
मौलाना जर्जिस का एक पुराना बयान भी विवाद का कारण बना हुआ है। आरोप है कि उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर टिप्पणी की थी। मौलाना ने कहा था कि भगवान श्रीकृष्ण धर्म से मुस्लिम थे और दिन में 5 बार नमाज पढ़ा करते थे। उन्होंने कहा कि अगर सीएम योगी आदित्यनाथ राम के बड़े भक्त बनते हैं, अगर वे हमारी किताब पढ़ लें तो इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। हिंदू संगठनों का आरोप है कि इसके बाद उन्होंने भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। पुराने वीडियो सामने आने के बाद संत समाज और कई संगठनों ने विरोध जताया है।
अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी अपने समर्थकों के साथ हजरतगंज कोतवाली पहुंचे। उन्होंने मौलाना जर्जिस के खिलाफ शिकायत देते हुए कार्रवाई की मांग की। शिशिर चतुर्वेदी ने कहा कि हमने पहले मौलाना जर्जिस के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी, जब उन्होंने 16 तारीख को भगवान कृष्ण का अपमान किया था। अगर प्रशासन ने तब कार्रवाई की होती, तो उन्हें दोबारा भगवान शिव का अपमान करने की हिम्मत नहीं होती। मौलाना जर्जिस का एकमात्र इलाज जूतों और चप्पलों से अच्छी तरह पिटाई करना है। उनकी संपत्ति जब्त की जानी चाहिए और उन्हें पुलिस एनकाउंटर में खत्म कर देना चाहिए।