महंगाई वैसे ही आम जनता की जेब में आग लगा रही थी, कि अब बिजली की दरों में वृद्धि कर बची खुची कसर पूरी कर दी है।
लखनऊ. महंगाई वैसे ही आम जनता की जेब में आग लगा रही थी, कि अब बिजली की दरों में वृद्धि कर बची खुची कसर पूरी कर दी है। यूपी सरकार ने मंगलवार को नई दरों का एलान कर दिया गया है। बिजली दरों में बढ़ोत्तरी को लेकर प्रदेश सरकार पहले से ही विपक्ष के निशाने पर रही है। और ऐसा ऐलान कर मंगलवार को सरकार एक बार फिर बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) के निशाने पर आ गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने इसे लेकर अपना रोष व्यक्त किया है और इस फैसले को जनविरोधी बताया है।
मायावती की सरकार को नसीहत-
मायावती ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर इसको लेकर चिंतन किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बीजेपी सरकार द्वारा बिजली की दरों को बढ़ाने को मंजूरी देना पूरी तरह से जनविरोधी फैसला है। इससे प्रदेश की करोड़ों खासकर मेहनतकश जनता पर महंगाई का और ज्यादा बोझ बढे़गा व उनका जीवन और भी अधिक त्रस्त व कष्टदायी होगा। सरकार इसपर तुरन्त पुनर्विचार करे तो यह बेहतर होगा।
सरकार ने मंगलवार को नई दरों का ऐलान कर दिया है। घरेलू बिजली दरें 12 फीसदी तक बढ़ाई गई हैं जबकि शहरी क्षेत्र में 15 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। औद्योगिक क्षेत्र में 10 फ़ीसदी बढ़ाई गई है। ग्रामीण इलाकों में फिक्स चार्ज 400 से बढ़ाकर 500 किया गया है।